Sunday, 1 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : ‘यूपी की जनता 2027 में सपा की साइकिल पंचर कर सैफई भेज देगी’, अखिलेश यादव पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साधा निशानाLucknow : महिलाओं के स्वावलंबन को मिल रहा संबल, साहूकारों पर निर्भरता की मजबूरी खत्मLucknow : योगी सरकार में बदली कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की तस्वीर, बेटियों को मिल रहे शिक्षा और आत्मनिर्भरता के नए अवसरVaranasi : वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उपहार के लिए प्रधानमंत्री जी का दिल से धन्यवाद- मुख्यमंत्रीVaranasi : बुलेट ट्रेन से जुड़ेगी काशी नगरी, साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा दिल्ली का सफर- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवVaranasi : पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब ‘सौगात पर सौगात’ मिलती है- मुख्यमंत्रीBulandshahar : बुलंदशहर में कांग्रेस ने सरदार पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलिBulandshahar : बुलंदशहर में अपना दल एस कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

Cyber Fraud: Paytm अधिकारी बनकर दुकानदारों से 95 हजार रुपये ठगने का आरोप, शाहदरा में पांच गिरफ्तार

दिल्ली के शाहदरा जिले में साइबर ठगी का एक मामला प्रकाश में आया है, जहां पेटीएम कर्मचारी बनकर छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को निशाना बनाने वाले कथित गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस की टीम ने पकड़कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई की है। आरोपियों पर पेटीएम खाते की केवाईसी में गड़बड़ी और क्यूआर कोड साउंडबॉक्स अपडेट करने का झांसा देकर दुकानदारों के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने और फिर उनके बैंक खातों से रकम निकालने का आरोप है। पुलिस की टीम ने इस कार्रवाई के जरिए 95 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सुलझाने का दावा किया है। जांच में इस गिरोह द्वारा इसी तरीके से करीब 50 से 60 अन्य लोगों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका की जानकारी सामने आई है।

पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, यह मामला शाहदरा साइबर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 55/26 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रामअवतार सब्जी बेचने का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 20 अक्टूबर को दो युवक उनके पास पहुंचे और खुद को पेटीएम कंपनी का कर्मचारी बताया। दोनों ने उनसे कहा कि उनके पेटीएम खाते की केवाईसी में समस्या है और क्यूआर कोड साउंडबॉक्स को भी अपडेट करने की जरूरत है। आरोप लगाया गया है कि इसी बहाने दोनों युवकों ने उनका भरोसा जीता और कुछ समय के लिए उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया।

दर्ज कराई गई शिकायत में दी गई जानकारी के अनुसार, युवकों के जाने के बाद रामअवतार के बैंक खाते से दो अनधिकृत लेनदेन हुए। पहले खाते से 50 हजार रुपये और फिर 45 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह उनके खाते से कुल मिलाकर 95 हजार रुपये की रकम निकाल ली गई। जब उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा साइबर पुलिस की टीम ने जांच की कार्रवाई प्रारंभ की और लेनदेन से जुड़े तकनीकी तथा बैंकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल की।

मामले की छानबीन के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि आरोपी छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को पेटीएम कर्मचारी बनकर निशाना बनाते थे। वे केवाईसी अपडेट, खाते में तकनीकी समस्या या क्यूआर कोड साउंडबॉक्स में खराबी जैसी बातें कहकर दुकानदारों का भरोसा जीतते थे। इसके पश्चात मोबाइल फोन अपने पास लेकर कथित तौर पर बैंकिंग और भुगतान से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करते थे। पुलिस को यह भी आशंका है कि इसी तरीके से गिरोह ने कई अन्य लोगों के साथ ठगी की है।

पुलिस की टीम ने इस समूचे प्रकरण में जुनैद (23), अनस (19), मोहित (24), रोहित (19) और सुमित कुमार (19) को पकड़कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई की है। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, जुनैद पहले पेटीएम से जुड़ा हुआ था और उसके मोबाइल फोन से कंपनी का पहचान पत्र भी मिला है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह इस गिरोह में मुख्य समन्वयक की भूमिका निभा रहा था। अब पुलिस इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि आरोपियों ने कंपनी से जुड़े अपने पुराने अनुभव और पहचान का इस्तेमाल किस तरह दुकानदारों को विश्वास में लेने के लिए किया।

जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का संबंध देशभर में दर्ज करीब 20 साइबर अपराध शिकायतों और मामलों से भी प्रकाश में आया है। पुलिस को आशंका है कि ठगी से हासिल रकम को पहले अलग-अलग बैंक खातों में भेजा जाता था और इसके पश्चात एटीएम के जरिए नकदी निकाली जाती थी। इस तरीके का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम के वास्तविक स्रोत और लेनदेन की कड़ी छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और पैसों के लेनदेन की छानबीन कर रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

आरोपियों के कब्जे से पुलिस की टीम ने छह मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड और नकदी निकासी से जुड़ी तीन पर्चियां अपने कब्जे में लेकर बरामद की हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है। मोबाइल फोन और सिम कार्ड से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई।

यह कार्रवाई इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा की देखरेख में गठित पुलिस टीम ने की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संभावित पीड़ितों की शिनाख्त करने के साथ-साथ आरोपियों के आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। करीब 50 से 60 अन्य लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाए जाने की आशंका के चलते पुलिस संबंधित शिकायतों और बैंकिंग रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।

पुलिस की टीम ने दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि पेटीएम या किसी अन्य डिजिटल भुगतान कंपनी का कर्मचारी बताकर आने वाले अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को अपना मोबाइल फोन या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी न सौंपें। केवाईसी अपडेट, क्यूआर कोड साउंडबॉक्स बदलने या तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर किए जाने वाले दावों की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें