बिहार में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की तरफ से बड़े पैमाने पर नियोजन मेलों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य से लेकर प्रमंडल, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर तक लगाए जा रहे इन रोजगार मेलों में देश की कई नामी निजी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। अमेजन, फ्लिपकार्ट, रिलायंस, टाटा, भारती एयरटेल और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियां युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में आयोजित 125 नियोजन मेलों और दो बड़े मेगा जॉब फेयर के माध्यम से 67 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है। इन आयोजनों का उद्देश्य राज्य के युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे जोड़ना और रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाना है।
राज्य सरकार से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, अब तक आयोजित दो राज्य स्तरीय मेगा जॉब फेयर में कुल मिलाकर 33,352 अभ्यर्थियों का नौकरी के लिए चयन किया गया है। दूसरी तरफ, राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित 125 नियोजन मेलों के माध्यम से 26,162 युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर 59,514 अभ्यर्थियों के चयन का आंकड़ा सामने आता है। विभाग की तरफ से पिछले तीन महीनों में 67 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की जानकारी भी दी गई है। इन आंकड़ों में अलग-अलग आयोजनों और चयन प्रक्रियाओं का विवरण शामिल है।
बिहार में रोजगार पाने के इच्छुक युवाओं के लिए बिहार रोजगार सेतु पोर्टल भी शुरू किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल पर राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक कुल मिलाकर 1,97,078 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को रोजगार मेलों और कंपनियों में उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी मिल रही है। अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता और कौशल के अनुसार नौकरी के अवसरों से जुड़ सकते हैं। विभाग का कहना है कि पोर्टल के जरिए रोजगार प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और युवाओं के लिए सुलभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पटना के ज्ञान भवन में स्वास्थ्य और बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित दो बड़े मेगा जॉब फेयर आयोजित किए गए। इन आयोजनों में काफी बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और विभिन्न कंपनियों तथा संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन किया। स्वास्थ्य क्षेत्र के रोजगार मेले में मेदांता ग्रुप, पारस, अपोलो, रूबन, अखंड ज्योति और पोर्टिया जैसे संस्थानों ने भाग लिया। इन संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अलग-अलग पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। दूसरी तरफ, बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित रोजगार मेले में भी युवाओं को निजी क्षेत्र के संस्थानों में काम करने का अवसर मिला।
नियोजन मेलों में हिस्सा लेने वाली कंपनियों में फ्लिपकार्ट, अमेजन, भारती एयरटेल लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, टाटा क्रोमा, टाटा मोटर्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और मैनपावर ग्रुप सहित सैकड़ों कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों की तरफ से तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के पदों के लिए भर्ती की जा रही है। इससे अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कौशल रखने वाले युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पाने का मौका मिल रहा है। विभाग के अनुसार, बिहार रोजगार सेतु पोर्टल की शुरुआत अप्रैल 2026 में की गई थी। इसके पश्चात जुलाई से सितंबर 2026 के बीच आयोजित नियोजन मेलों में कुल मिलाकर 1,183 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस अवधि में 75,932 अभ्यर्थियों ने अपना बायोडाटा जमा कराया, जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 27,269 युवाओं को रोजगार मिला।
सरकार की तरफ से दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष नियोजन मेलों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों के जरिए दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि रोजगार से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ राज्य के अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचे और निजी क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी लगातार बढ़े।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 कार्यक्रम के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 2025 से 2030 तक एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार नियोजन मेलों, मेगा जॉब फेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। आने वाले समय में भी राज्य के अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में रोजगार मेलों का आयोजन किए जाने की योजना है, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में नौकरी के अवसर मिल सकें और उन्हें रोजगार की खोज में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।





