Delhi Government Action: अवैध भ्रूण लिंग जांच पर दिल्ली सरकार की बड़ी कार्रवाई, 5 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रद्द, 11 को नोटिस

Delhi Government Action: अवैध भ्रूण लिंग जांच पर दिल्ली सरकार की बड़ी कार्रवाई, 5 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रद्द, 11 को नोटिस

नई दिल्ली, 3 दिसम्बर: राजधानी दिल्ली में भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्त रुख में दिखाई दे रहा है। परिवार कल्याण निदेशालय की ओर से चलाए गए व्यापक निरीक्षण अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 5 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 11 सेंटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह अभियान पीसी-पीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम-1994) को सख्ती से लागू कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सत्यजीत कुमार ने कहा कि जिन सेंटरों पर कार्रवाई की गई, उन्हें गंभीर अनियमितताओं और मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने का दोषी पाया गया। कई सेंटरों में योग्य एवं पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं थे, वहीं कुछ में तकनीकी और चिकित्सा सुविधाएं बिल्कुल फर्जी या अधूरी पाई गईं। गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी सही ढंग से नहीं रखे जा रहे थे, जो अधिनियम का साफ उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि यह जांच सिर्फ कागजी कार्रवाई के आधार पर नहीं थी, बल्कि ग्राउंड विजिट और तकनीकी परीक्षण के बाद ही निर्णय लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी जिले में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें सील की गईं। वहीं डिकॉय ऑपरेशन केवल उत्तरी जिले में ही किया जा सका, जिसमें पीसीपीएनडीटी टीम ने एक व्यक्ति को कार्रवाई के दौरान पकड़ा। दक्षिण, पूर्व और पश्चिमी जिले में सर्वाधिक अनियमितताएं सामने आईं। दक्षिणी जिले में अधिकतम 23 सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जबकि उत्तरी पूर्वी जिले में जांच का आंकड़ा सबसे कम रहा।

डॉ. कुमार ने बताया कि दिल्ली के सभी 11 जिलों में कुल 1,608 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे हैं, जिनमें से 74 सेंटर फिलहाल निरीक्षण के दायरे में आए हैं। 11 सेंटरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें 5 पश्चिमी दिल्ली, 4 दक्षिणी दिल्ली और 2 पूर्वी दिल्ली में स्थित हैं। लाइसेंस रद्द किए गए 5 सेंटरों में से एक संचालक ने स्वयं लाइसेंस सरेंडर किया, जबकि बाकी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर देने के बाद भी वे आवश्यक मानकों को पूरा नहीं कर सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रूण का लिंग बताना या निर्धारित करना पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसा करने वाले के लिए भारी जुर्माना और सख्त कारावास का प्रावधान है। उन्होंने चेतावनी दी कि दिल्ली सरकार महिला लिंगानुपात सुधारने हेतु ऐसी अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। सेंटरों को सभी रिकॉर्ड, मशीन, रजिस्ट्रेशन दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने और निरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में भी surprise जांच की जाएगी ताकि भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई पर निर्णायक प्रहार किया जा सके।

दिल्ली के विभिन्न जिलों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संख्या
नई दिल्ली – 100
मध्य दिल्ली – 133
दक्षिण पश्‍चिम – 250
दक्षिण दिल्ली – 204
उत्तरी दिल्ली – 120
पूर्वी दिल्ली – 140
उत्तरी पूर्वी दिल्ली – 68
उत्तर पश्चिम दिल्ली – 210
पश्चिम दिल्ली – 219
शाहदरा – 164

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