Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Bulandshahr : खुर्जा के डाबर गांव में नकली पनीर की फैक्ट्री पर छापा, 10 क्विंटल माल सीजChandigarh : मेरे घर या अस्पताल से एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ; 42 घंटे की रेड के बाद ईडी खाली हाथ लौटी- डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ाHapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशन

Daslakshan Mahaparv: दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि और क्षमा का संदेश देगा: विनीत जैन

Daslakshan Mahaparv: दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि और क्षमा का संदेश देगा: विनीत जैन

रिपोर्ट: रवि डालमिया

जैन समाज का सबसे पावन पर्व दशलक्षण महापर्व 28 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक पूरे उल्लास और भक्ति भाव से मनाया जाएगा। भाजपा शाहदरा जिला के मीडिया प्रभारी विनीत जैन ने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मसंयम और आत्मकल्याण का अनुपम अवसर है। दशलक्षण पर्व व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाने और समाज में शांति व भाईचारा स्थापित करने का मार्ग दिखाता है। यह पर्व जैन धर्म में बताए गए आत्मा के दस लक्षणों पर आधारित है जिनमें उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य शामिल हैं। दस दिनों तक श्रद्धालु प्रत्येक लक्षण का स्मरण और आचरण करने का प्रयास करेंगे।

विनीत जैन ने बताया कि पर्व के दौरान उपवास, आयंबिल, स्वाध्याय और तपस्या जैसे अनुष्ठानों के साथ मंदिरों में धार्मिक प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम होंगे। यह महापर्व जीवन में संयम और सत्य की महत्ता को आत्मसात करने का प्रेरक उत्सव है। पर्व का अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी होगा और इसके अगले दिन क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन जैन समाज का हर व्यक्ति अपने परिचितों और परिजनों से क्षमा याचना करेगा। यह दिन आपसी कटुता और वैमनस्य को समाप्त कर नई शुरुआत का अवसर प्रदान करता है। क्षमा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि हृदय से वैर-भाव का त्याग है, यही जैन धर्म का सर्वोच्च संदेश है कि “क्षमा ही धर्म है।”

वर्तमान समय में जब समाज में तनाव और असहिष्णुता बढ़ रही है, तब दशलक्षण पर्व और क्षमावाणी पर्व का महत्व और भी गहरा हो जाता है। यह पर्व करुणा और क्षमा की भावना को जगाकर समाज में सकारात्मकता और सद्भावना फैलाने का संदेश देता है। भारत की संस्कृति ने हमेशा विश्व को अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाया है और क्षमावाणी पर्व उसी परंपरा का जीवंत प्रतीक है। अंत में विनीत जैन ने आह्वान किया कि हम सभी इस महापर्व को आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण के संकल्प के साथ मनाएँ और क्षमावाणी के अवसर पर समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की नई शुरुआत करें।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें