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CBSE Three Language Rule: क्लास 9 में अब पढ़नी होंगी 3 भाषाएं, छात्रों के लिए नया नियम लागू 

CBSE Three Language Rule: क्लास 9 में अब पढ़नी होंगी 3 भाषाएं, छात्रों के लिए नया नियम लागू 

Central Board of Secondary Education ने क्लास 9 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए “थ्री लैंग्वेज रूल” को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत अब छात्रों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। बोर्ड की ओर से जारी यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस फैसले के बाद देशभर के सीबीएसई स्कूलों में भाषा शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

सीबीएसई ने 15 मई को जारी आधिकारिक सर्कुलर में बताया कि यह फैसला National Education Policy और National Curriculum Framework for School Education के तहत लिया गया है। बोर्ड का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना और छात्रों को बहुभाषी शिक्षा से जोड़ना है।

नए नियम के अनुसार क्लास 9 के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिन्हें R1, R2 और R3 के रूप में रखा गया है। इनमें से कम से कम दो भाषाओं का भारतीय भाषा होना अनिवार्य रहेगा। स्कूल सीबीएसई द्वारा स्वीकृत भाषा सूची में से छात्रों को विकल्प दे सकेंगे। वहीं विदेशी भाषाओं को केवल तीसरी या चौथी वैकल्पिक भाषा के रूप में ही चुना जा सकेगा।

इस नए नियम के बाद छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल बोर्ड परीक्षा को लेकर उठ रहा था। इस पर सीबीएसई ने साफ किया है कि क्लास 10 में तीसरी भाषा यानी R3 के लिए कोई बाहरी बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। तीसरी भाषा का मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल स्तर पर इंटरनल असेसमेंट के जरिए होगा। हालांकि इस विषय में छात्रों के प्रदर्शन को सीबीएसई के फाइनल सर्टिफिकेट में दर्ज किया जाएगा।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा के कारण किसी भी छात्र को क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। यानी अगर किसी छात्र को तीसरी भाषा में कठिनाई होती है तो भी उसका बोर्ड एग्जाम प्रभावित नहीं होगा।

सीबीएसई ने माना है कि कई स्कूलों में नई भाषाओं के शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इसे देखते हुए बोर्ड ने स्कूलों को कुछ अंतरिम विकल्प भी दिए हैं। स्कूल आपस में संसाधन साझा कर सकते हैं, ऑनलाइन या हाइब्रिड क्लासेस चला सकते हैं और जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड शिक्षकों या योग्य पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों की नियुक्ति भी कर सकते हैं।

बोर्ड ने यह भी बताया कि जब तक सेकेंडरी लेवल के लिए नई किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक छात्र अस्थायी रूप से क्लास 6 की किताबों से तीसरी भाषा की पढ़ाई करेंगे। इससे छात्रों को नई भाषा समझने में आसानी होगी।

सीबीएसई ने इस नियम में कुछ विशेष श्रेणी के छात्रों को राहत देने का भी प्रावधान रखा है। चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स यानी CwSN छात्रों को इस नियम में छूट दी जा सकती है। इसके अलावा विदेशों में संचालित सीबीएसई स्कूलों और विदेश से भारत लौटने वाले विदेशी छात्रों को भी केस-टू-केस आधार पर राहत मिल सकती है।

बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून 2026 से पहले OASIS पोर्टल पर अपने भाषा विकल्प अपडेट कर दें ताकि नए सत्र से नियम को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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