Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशनAyodhya : 15 फीट ऊँचे रामरथ पर विराजेंगे जगत के पालनहारीAyodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंग

Caste Census: आज़ादी के बाद पहली बार होगी जाति जनगणना, केंद्र सरकार ने दी मंज़ूरी, बिहार चुनाव से पहले बदलेगा सियासी समीकरण

Caste Census
Caste Census: आज़ादी के बाद पहली बार होगी जाति जनगणना, केंद्र सरकार ने दी मंज़ूरी, बिहार चुनाव से पहले बदलेगा सियासी समीकरण

Caste Census:  केंद्र सरकार ने आज़ादी के बाद पहली बार जाति जनगणना को मंज़ूरी दी है। बिहार चुनाव से पहले यह फैसला विपक्ष के बड़े मुद्दे को छीनने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर।

नई दिल्ली:
भारत में जातिगत आंकड़ों को लेकर दशकों से चली आ रही बहस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आज़ादी के बाद पहली बार जाति जनगणना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।

यह फैसला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लिया गया है, जहां विपक्ष इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन अब मोदी सरकार ने एक झटके में विपक्ष के हाथ से यह मुद्दा छीन लिया है।

Caste Census:   जाति जनगणना क्यों है अहम?


भारत में पिछली बार जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी, और उसी के आंकड़ों के आधार पर मंडल कमीशन ने 1980 में रिपोर्ट दी थी। लेकिन तब से अब तक देश की सामाजिक संरचना में बड़ा बदलाव आ चुका है, जिसे जानने के लिए यह गणना बेहद आवश्यक हो गई है।

Caste Census: जाति जनगणना पर विपक्ष में क्रेडिट लेने की लगी होड़, कांग्रेस ने कहा हमारे कारण... तो RJD ने ठोका अलग दावा - News18 हिंदी

Caste Census:   क्या बोले मंत्री अश्विनी वैष्णव?


सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कुछ राज्यों ने जाति सर्वे कराए, लेकिन वे कानूनी और पारदर्शी नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल केंद्र का विषय है, और अब इसे पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ किया जाएगा।

Caste Census:   विपक्ष के आरोप और सरकार की रणनीति


कांग्रेस और I.N.D.I.A गठबंधन जहां इसे अपनी जीत बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे इतिहास रचने वाला फैसला बता रही है। अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार ने 2010 में जाति जनगणना का वादा किया था, लेकिन केवल सर्वे कराया गया।

Caste census to be included in population survey: Cabinet's big decision

Caste Census:  बनेगी सर्वदलीय समिति?


सरकार 2011 की सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना (SECC) से सबक लेते हुए इस बार एक सर्वदलीय समिति बना सकती है, जो जाति जनगणना का प्रारूप तय करेगी। इसका उद्देश्य है विश्वसनीय, पारदर्शी और समावेशी जनगणना मॉडल तैयार करना।

Caste Census:   राजनीतिक समीकरण में बदलाव संभव


विशेषज्ञ मानते हैं कि जाति जनगणना से ओबीसी और अन्य वंचित वर्गों के लिए नीतियां बनाना आसान होगा। साथ ही यह फैसला बिहार चुनाव 2025 के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।


जाति जनगणना पर केंद्र सरकार का यह कदम न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में भी बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सर्वदलीय सहमति से यह प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है।

मलाइका अरोड़ा ने अर्जुन कपूर के साथ ब्रेकअप की खबरों के बीच अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की, कहा ‘हममें से हर किसी के पास सिर्फ़…’

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें