Bus Fire Investigation: बस अग्निकांड मामले में दो ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने के हादसे के मामले में पुलिस ने दो ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि बस में आग किन परिस्थितियों में लगी। हादसे के बाद यात्रियों की ओर से बस स्टाफ पर बीड़ी-सिगरेट पीने के आरोप लगाए गए थे, हालांकि गिरफ्तार दोनों ड्राइवरों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पुलिस पूछताछ में दोनों ड्राइवरों ने कहा कि वे बीड़ी या सिगरेट नहीं पीते हैं और बस में आग लगने से पहले उनके धूम्रपान करने के आरोप गलत हैं। हादसे के समय बस में सवार यात्रियों ने धुएं और जलने की गंध आने की बात कही थी। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया था कि बस का स्टाफ बीड़ी-सिगरेट पी रहा था। वहीं गिरफ्तार एक ड्राइवर ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह बीड़ी-सिगरेट नहीं पीता। दूसरे ड्राइवर ने भी धूम्रपान करने से इनकार किया और बस में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की बात कही।
गिरफ्तारी के बाद दोनों ड्राइवरों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में बस के कंडक्टर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हादसे के कारणों, बस की तकनीकी स्थिति और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
हादसे की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस में आग ड्राइवर की तरफ ज्यादा भड़की थी। आग तेजी से फैलने के कारण कुछ ही समय में बस के अंदर धुआं भर गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलने का प्रयास किया।
इस हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा रवि शंकर नीम ने बताया कि कुछ शव बुरी तरह जल गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच कराने पर विचार किया जा रहा है।
हादसा ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। आग लगते ही बस से तेज लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरा वाहन धुएं से भर गया। यात्रियों में बचने के लिए अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान ड्राइवर और कंडक्टर के बस से निकलकर मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है।
आसपास मौजूद लोगों ने यात्रियों की मदद करने का प्रयास किया, लेकिन आग के तेजी से फैलने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग वास्तव में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।


