Yamuna Expressway Bus Fire: भ्रामक पोस्ट प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Yamuna Expressway Bus Fire: भ्रामक पोस्ट प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती एसी स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर भ्रामक और कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, रुमाखातून नाम के एक्स हैंडल से बस में आग लगने का वीडियो साझा किया गया और उसके साथ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। पोस्ट में दावा किया गया था कि बस में आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों ने आग लगाई और 30 से अधिक मुस्लिम यात्रियों की मौत हुई।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों से लोगों के बीच भय और आक्रोश पैदा होने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। मामले में मीडिया सेल के एक उपनिरीक्षक की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

यह हादसा बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुआ था। दिल्ली से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर आगे पहुंची थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। हादसे के समय बस में करीब 30 से 35 यात्रियों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि नौ यात्रियों की जलने से मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हुए।

मृतकों में तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जबकि तीन मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे के बाद पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस की जांच में बस चालक की कथित लापरवाही का मामला भी सामने आया है। यात्रियों ने बस में जलने की गंध आने और आग लगने की शिकायत की थी। आरोप है कि इसके बावजूद चालक ने बस नहीं रोकी। यात्रियों की ओर से चालक पर धमकाने और लापरवाही बरतने के आरोप भी लगाए गए हैं।

हादसे के संबंध में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर चालक पवन और विनोद तथा परिचालक योगेश को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में बस के एसी सिस्टम में स्पार्क होने के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए दावों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना से संबंधित तथ्य और भ्रामक दावों के बीच अंतर स्पष्ट किया जा सके।

 

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img