Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : बुलंदशहर में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जिला कार्यालय से निकलते ही रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक और धक्का मुक्की भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार जिलाध्यक्ष जियाउर रहमान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र हुए थे और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे थे। तभी मौके पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्यालय के आसपास कई थानों की पुलिस फोर्स और तीन सर्किल के अफसरों को तैनात किया गया था। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेसियों ने कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट जेपी पांडे को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और देशभर में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस के व्यवहार की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
जिलाध्यक्ष जियाउर रहमान ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मतदाता सूचियों में नाम हटाने और जोड़ने से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगी। कलेक्ट्रेट प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस नेताओं को घरों में नजरबंद करना शुरू कर दिया था जिस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि नेताओं को घरों में नजरबंद करना लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


