Noida Cyber Crime: शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर बुजुर्ग से 27.54 लाख रुपये की ठगी, साइबर थाना पुलिस ने दर्ज किया केस
नोएडा में साइबर अपराधियों द्वारा शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर 72 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति से 27 लाख 54 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर ठगों ने पहले व्हाट्सऐप के जरिए बुजुर्ग से संपर्क किया और उनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी हासिल करने के बाद उन्हें एक ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद निवेश पर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग तरीके से रकम ट्रांसफर कराई गई।
सेक्टर-29 स्थित महावीर अपार्टमेंट निवासी 72 वर्षीय रजनीश त्यागी ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी है। रजनीश त्यागी के मुताबिक, वह एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। इसी वर्ष जनवरी में धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान कथित तौर पर उनकी आय और निवेश से जुड़ी जानकारी हासिल की गई। इसके बाद उन्हें एक ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल कर दिया गया।
शिकायत के अनुसार, ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल करने के बाद खेमचंद सती और हिमांशु मांगलिक नाम के लोगों ने रजनीश त्यागी से निवेश को लेकर बातचीत की। उन्हें कम समय में निवेश की रकम पर दोगुना मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें ब्रीक्सएफएक्स नाम की वेबसाइट पर अकाउंट शुरू करने के लिए कहा गया और एक लिंक के माध्यम से मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया।
पीड़ित के अनुसार, ऐप में उनके खाते पर निवेश की रकम और कथित मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता था। ऐप पर बढ़ती रकम देखकर उन्हें भरोसा हुआ कि उनका निवेश मुनाफे में जा रहा है। इसी भरोसे में उन्होंने आरोपियों के बताए तरीके से कुल 27 लाख 54 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत में बताया गया है कि इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। अगले महीने रुपये निकालने की कोशिश के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने पुलिस को वह लिंक भी उपलब्ध कराया है, जिसके माध्यम से कथित तौर पर उन्हें मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया था। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लिंक, ऐप पर बनाए गए अकाउंट और रकम के लेनदेन से जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जिन बैंक खातों में पीड़ित की रकम ट्रांसफर हुई है, उनमें मौजूद धनराशि को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।


