Vande Bharat Sleeper Train: बेंगलुरु-मुंबई के बीच तीसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू, तीन राज्यों की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत
रिपोर्ट: अभिषेक ब्याहुत
बेंगलुरु और मुंबई के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत हो गई है। रविवार, 1 नवंबर को बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और प्रह्लाद जोशी भी मौजूद रहे। इस नई ट्रेन के शुरू होने से देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच रात्रिकालीन रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क को भी मजबूती मिलेगी।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर देश की तीसरी ऐसी ट्रेन है। इससे पहले पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच शुरू की गई थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को रवाना किया गया। अब बेंगलुरु और मुंबई के बीच इस सेवा की शुरुआत से देश में आधुनिक स्लीपर रेल सेवाओं का विस्तार हुआ है।

उद्घाटन समारोह के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र को आपस में जोड़ेगी। इससे विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक के उन इलाकों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जहां अब तक रेल संपर्क अपेक्षाकृत सीमित रहा है। नई सेवा से इन क्षेत्रों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।
यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से सोमवार और मुंबई से मंगलवार को इसका परिचालन नहीं किया जाएगा। ट्रेन संख्या 27652 बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल से शाम 7:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27651 मुंबई से रात 8:10 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। इस तरह दोनों शहरों के बीच यात्रियों को रातभर सफर करने की सुविधा मिलेगी।

बेंगलुरु से मुंबई के बीच चलने वाली इस ट्रेन का ठहराव अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण में निर्धारित किया गया है। पूरी यात्रा लगभग 16 घंटे 10 मिनट में पूरी होगी। इन स्टेशनों पर ठहराव होने से कर्नाटक के अलावा आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों के यात्रियों को भी इस आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
ट्रेन के उद्घाटन के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके डिजाइन और यात्री सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन के निर्माण में यात्रियों के आराम के साथ-साथ लोको पायलटों की जरूरतों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लोको पायलटों के लिए आधुनिक निजी शौचालय की व्यवस्था की गई है, जबकि यात्रियों के लिए बेहतर सीटें और सुविधाजनक बर्थ तैयार की गई हैं।

वैष्णव के अनुसार, मिडिल और अपर बर्थ तक आसानी से पहुंचने के लिए सीढ़ियों के डिजाइन में बदलाव किया गया है। अलग-अलग क्षमताओं वाले लोगों के साथ परीक्षण करने के बाद इन सुविधाओं के डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को बर्थ तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
रेल मंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान झटकों को कम करने और आरामदायक सफर सुनिश्चित करने के लिए कोचों में विश्वस्तरीय कपलर लगाए गए हैं। पहले के संस्करणों से मिले अनुभवों के आधार पर ट्रेन की प्रणोदन प्रणाली और बोगी के डिजाइन में भी सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत के चेयर कार और स्लीपर दोनों संस्करण अपनी-अपनी श्रेणियों में वैश्विक मानकों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं दी गई हैं। इसमें आरामदायक बर्थ, जीपीएस आधारित एलईडी यात्री सूचना डिस्प्ले, सीसीटीवी निगरानी और इमरजेंसी टॉक-बैक सुविधा शामिल हैं। इसके अलावा आग का पता लगाने वाली प्रणाली और ओवरहेड उपकरणों में खराबी आने की स्थिति में तीन घंटे तक का आपातकालीन पावर बैकअप भी उपलब्ध कराया गया है। ट्रेन में स्वदेशी कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भी लगाई गई है, जो इसकी आधुनिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्थाओं का अहम हिस्सा है।





