PM-AJAY Scheme पीएम-अजय योजना को 2030-31 तक विस्तार देने की तैयारी, एससी समुदाय के विकास पर सरकार का जोर
नई दिल्ली, 28 जुलाई। अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए अधिक वित्तीय प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का उद्देश्य योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदाय के परिवारों तक विकास योजनाओं का लाभ और व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 से अब तक पीएम-अजय योजना के तहत ₹4,276.62 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि के जरिए अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया गया है।
सरकार के अनुसार, योजना के प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन नीति आयोग की ओर से भी किया गया है। मूल्यांकन में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, आजीविका के अवसरों और जीवन स्तर में सुधार जैसे क्षेत्रों में योजना के सकारात्मक प्रभाव सामने आने की बात कही गई है।
पीएम-अजय के तहत आदर्श ग्राम घटक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार ने अब तक 3,112 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में चिन्हित किया है। इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
योजना को 2030-31 तक विस्तार देने का प्रस्ताव सरकार की दीर्घकालिक सामाजिक विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विस्तारित अवधि में अनुसूचित जाति परिवारों को शिक्षा, रोजगार, आजीविका, बुनियादी सुविधाओं और अन्य विकास योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम को और तेज किए जाने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि योजना के विस्तार से उन समुदायों तक विकास का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से अभी भी विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इसके लिए वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।


