Corporate Crime: जापानी कंपनी के दो कर्मचारियों पर गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
नोएडा। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र स्थित एक इंडो-जापानी संयुक्त उपक्रम कंपनी के दो कर्मचारियों पर कंपनी की गोपनीय और तकनीकी जानकारी का कथित तौर पर दुरुपयोग करने, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने और कंपनी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। कंपनी की अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ चोरी, बेईमानी से संपत्ति के दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-39 के एफ ब्लॉक में रहने वाली डॉ. शोभा धवन ने पुलिस को दी शिकायत में खुद को संबंधित कंपनी की अधिकृत प्रतिनिधि बताया है। उनके अनुसार, कंपनी एक इंडो-जापानी ज्वाइंट वेंचर है और इसका कार्यालय सेक्टर-57 में स्थित है। कंपनी मैकेनिकल और मोशन कंट्रोल केबल तथा उनसे जुड़े पार्ट्स के डिजाइन और निर्माण का काम करती है।
शिकायत के अनुसार, सेक्टर-49 क्षेत्र के बरौला गांव निवासी राजेंद्र चौहान और दिल्ली के ग्रेटर कैलाश निवासी रंजीत महापात्रा कंपनी में कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। नौकरी शुरू करने से पहले दोनों को नियुक्ति पत्र के माध्यम से कंपनी की गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखने, उसे किसी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने और प्रतिस्पर्धी गतिविधियों से दूर रहने जैसी शर्तों से अवगत कराया गया था।
कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि दोनों कर्मचारियों ने कम से कम दो साल तक कंपनी के लिए काम करने का अनुबंध किया था। इस दौरान उन्हें कंपनी की तकनीकी और कारोबारी जानकारी तक पहुंच प्राप्त थी। आरोप है कि इसी जानकारी का बाद में कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।
कंपनी की आंतरिक जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि दोनों कर्मचारियों ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए कंपनी की महत्वपूर्ण जानकारी को कॉपी कर अपने साथ ले गए। इसमें तकनीकी जानकारी, उत्पादों के डिजाइन, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित जानकारी और उत्पादों के स्पेसिफिकेशन शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी के ग्राहकों और सप्लायर से संबंधित जानकारी भी कथित तौर पर कॉपी की गई। कंपनी का दावा है कि यह प्रक्रिया एक बार नहीं, बल्कि कई बार की गई और कर्मचारियों ने बिना अनुमति कंपनी की जानकारी अपने कब्जे में ली।
कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार, इस जानकारी का कथित दुरुपयोग कर आरोपियों ने व्यक्तिगत लाभ हासिल करने का प्रयास किया और इससे कंपनी को आर्थिक एवं कारोबारी नुकसान हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राजेंद्र चौहान ने कंपनी में नौकरी करते हुए ‘वोल्टेरिक्स ऑटोमोटिव’ नाम से एक अलग कारोबार शुरू किया और वर्तमान में खुद को उस कंपनी का सीईओ बताता है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, कंपनी की शिकायत में बताए गए तकनीकी और कारोबारी रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है।
