Wednesday, 28 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : बुलंदशहर रोड पर अवैध कॉलोनी पर एचपीडीए की बड़ी कार्रवाई, 27 हजार वर्ग मीटर प्लाटिंग ध्वस्तHaryana Investment: गुजरात दौरे के पहले दिन हरियाणा को 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की निवेशकों से बैठकेंKullu Dussehra 2026: देवी-देवताओं के नजराने में 5% और बजंतरियों के मानदेय में 10% की बढ़ोतरी, मुख्यमंत्री सुक्खू ने की कई घोषणाएंKullu Dussehra: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रघुनाथ मंदिर में शीश नवाया, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना कीKullu Dussehra 2026: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छठी सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की, सतिंदर सरताज की प्रस्तुति ने मोहा मनChandigarh : श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खोला जाना चाहिए; धार्मिक भावना के मामले राजनीति से ऊपर होने चाहिए- मुख्यमंत्रीLucknow : कभी बेटियों का स्कूल जाना था मुश्किल, आज रात दो बजे भी बेखौफ लौटती हैं घर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथAyodhya : योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव में देश-विदेश की रामलीलाओं का संगम, अयोध्या में 10 से 15 मंचों पर होगा आयोजन

Adulterated Mawa Supply: त्योहारी सीजन में नोएडा में खपाया जा रहा जहरीला सिंथेटिक मावा, जानिए कैसे करें असली-नकली की पहचान

Adulterated Mawa Supply: त्योहारी सीजन में नोएडा में खपाया जा रहा जहरीला सिंथेटिक मावा, जानिए कैसे करें असली-नकली की पहचान

दीपावली और भैयादूज जैसे प्रमुख त्योहारों की आहट के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में मिठाइयों की भारी मांग को भुनाने के लिए मिलावटखोरों का गिरोह पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गौतमबुद्ध नगर जिले में स्वयं की कोई अधिकृत मावा उत्पादन यूनिट न होने के कारण यहां की भारी मांग को पूरा करने के लिए अलीगढ़ और दिल्ली से आपूर्ति के अलावा स्थानीय स्तर पर जहरीला सिंथेटिक मावा खपाया जा रहा है। असली मावे की थोक कीमत जहां बाजार में लगभग 420 रुपये प्रति किलोग्राम है, वहीं मुनाफाखोर घटिया दूध पाउडर, डिटर्जेंट, घटिया रिफाइंड तेल, उबले आलू और शकरकंद का मिश्रण तैयार कर 150 से 200 रुपये में नकली मावा धड़ल्ले से बेच रहे हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक लगभग 30 लाख से अधिक की आबादी वाले नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सामान्य दिनों में ही प्रतिदिन 12 से 15 लाख लीटर दूध की खपत होती है, जो त्योहारी सीजन में 20 फीसदी तक बढ़ जाती है। शहरीकरण के कारण जिले में पशुपालन केवल दादरी और जेवर के कुछ ग्रामीण इलाकों तक सिमट चुका है और अधिकांश आबादी पैकेटबंद दूध पर निर्भर है। मांग और आपूर्ति के इसी भारी अंतर का फायदा उठाकर मिलावटखोर भट्टियां लगाकर नकली पनीर और मावा तैयार कर रहे हैं, जो लोगों के लिवर, किडनी और पेट के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए जाने वाले वार्षिक नमूनों में भी सबसे अधिक मिलावट मावा और पनीर में ही पाई जाती है।

विशेषज्ञों ने मिलावटी मावे की पहचान का आसान तरीका बताते हुए कहा है कि थोड़ा सा मावा लेकर अपने अंगूठे के नाखून या हथेली पर रगड़ें; यदि मावा असली होगा तो उसमें से शुद्ध देसी घी की खुशबू आएगी और वह चिकनाई छोड़ेगा, जबकि सिंथेटिक या मैदा मिला मावा रबड़ की तरह खिंचेगा और बदबू देगा। इसके अलावा आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालने पर मिलावटी मावा नीला या बैंगनी पड़ जाता है, जिससे स्टार्च की मिलावट का तुरंत पता चल जाता है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें