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उत्तर प्रदेश : राधा रानी का 5253वाँ जन्मोत्सव, बरसाना में भव्य उत्सव

Mathura News (सौरभ) : मथुरा के बरसाना में प्रेम और भक्ति की देवी राधा रानी का 5253वाँ जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर देश और विदेश से आए लाखों भक्तों ने राधा रानी के जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।

मूल नक्षत्र में हुआ जन्म

सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, राधा रानी का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मूल नक्षत्र में हुआ था। इसी शुभ घड़ी में जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष दिन को राधा अष्टमी के रूप में भी जाना जाता है, और बरसाना में यह उत्सव अपने चरम पर होता है।

भव्य अभिषेक और पूजन

राधा रानी के जन्मोत्सव के मौके पर उनके विग्रह का महा-अभिषेक किया गया। इस अभिषेक में विशेष रूप से तैयार किए गए पदार्थो का उपयोग हुआ, जिससे पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा। अभिषेक के लिए जड़ी-बूटियों, कुण्डों और सरोवरों के पवित्र जल का इस्तेमाल किया गया।

अभिषेक में विशेष सामग्री का उपयोग

अभिषेक में 5 क्विंटल दूध, कश्मीर से मंगाई गई 1 किलो केसर, और तमिलनाडु से मंगाए गए 20 किलो शहद का उपयोग भी किया गया, जिसने इसकी भव्यता को और बढ़ा दिया। अभिषेक के बाद, भक्तों ने कीर्तन और भजन गाकर राधा रानी को नमन किया।

प्रेम, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

जन्मोत्सव के दौरान मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे हर तरफ एक दिव्य और आध्यात्मिक माहौल बन गया था। यह जन्मोत्सव सिर्फ़ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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