Greater Noida Vending Zone: 85 वेंडरों को मिले प्लेटफॉर्म, अब सड़क किनारे नहीं लगानी पड़ेगी रेहड़ी
शहर में रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्राधिकरण की ओर से बनाए गए वेंडिंग जोन में शुक्रवार को 85 पात्र वेंडरों को प्लेटफॉर्म आवंटित किए गए। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वेंडिंग जोन में प्लेटफॉर्म आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत शहर के 12 सेक्टरों में कुल 769 प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। इनमें सेक्टर बीटा-1 और बीटा-2, सेक्टर-36, ओमीक्रॉन-1ए और ओमीक्रॉन-3, ज्यू-2 और ज्यू-3, गामा-2, डेल्टा-1 और डेल्टा-3 तथा पाई-1 और पाई-2 शामिल हैं।
शुक्रवार को आवंटित किए गए 85 प्लेटफॉर्म के लाभार्थियों में भूमिहीन किसानों के साथ पुराने वेंडर भी शामिल हैं। इन वेंडिंग जोन में प्लेटफॉर्म के साथ शेड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि शेष पात्र लोगों को भी वेंडिंग जोन तैयार होने और प्लेटफॉर्म उपलब्ध होने के साथ आवंटन किया जाएगा।
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि इस पहल से जरूरतमंदों को परिवार के भरण-पोषण के लिए रोजगार का व्यवस्थित माध्यम मिलेगा। साथ ही रेहड़ी-पटरी वालों को निर्धारित जगह मिलने से सड़कों के किनारे होने वाले अतिक्रमण और यातायात की समस्या भी कम होगी।
प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिन सेक्टरों में सभी वेंडिंग जोन आवंटित हो जाएंगे, वहां यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नो वेंडिंग जोन घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। आवंटन के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





