Noida Police Encounter: नोएडा पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी शूटर अमन त्यागी ढेर, दो पुलिसकर्मी घायल
नोएडा में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी शार्प शूटर अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी मारा गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हुए अमन को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में दो जांबाज पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारा गया शूटर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात राणदीप भाटी गैंग का सक्रिय सदस्य था और उस पर हत्या व रंगदारी समेत 20 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अमन त्यागी थाना बादलपुर क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 306/2026 में वांछित चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और सेक्टर-126 थाना पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि एक कुख्यात बदमाश संदिग्ध बाइक से क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। कुछ ही देर में एक तेज रफ्तार बाइक सवार संदिग्ध को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा प्रीति यादव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में तत्काल मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई कई राउंड फायरिंग के दौरान अमन त्यागी को गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। मुठभेड़ में घायल हुए दो पुलिसकर्मियों को भी तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जांच टीम ने घटनास्थल की गहनता से पड़ताल करते हुए खोखा कारतूस, एक अवैध पिस्टल, मैगजीन और बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध बाइक को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया।
पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मूल रूप से मुजफ्फरनगर के छपार गांव का रहने वाला अमन त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुपारी किलिंग और कांट्रैक्ट मर्डर का एक कुख्यात चेहरा बन चुका था। वह शुरुआत में रोबिन त्यागी के आपराधिक गिरोह में शामिल था, लेकिन बाद में रोबिन की राणदीप भाटी से निकटता बढ़ने पर अमन भी भाटी गैंग के मुख्य सिंडिकेट का हिस्सा बन गया। अमन सामान्य छिनैती या लूटपाट के बजाय भाटी गैंग के लिए सुपारी लेकर टार्गेट किलिंग की वारदातों को अंजाम देने का काम करता था। ग्रेटर नोएडा के चर्चित देवेंद्र भाटी हत्याकांड, जुनपत गांव के ठेकेदार मर्डर केस तथा जुनपत में ही राजकुमार शर्मा व उनके सरकारी गनर की दोहरे हत्याकांड जैसी सनसनीखेज वारदातों में अमन की सीधी संलिप्तता सामने आई थी।
अमन त्यागी का पुराना आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है और वह पहले भी पुलिस मुठभेड़ों में बचता रहा था। वर्ष 2019 में नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान भी उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उसे सलाखों के पीछे भेजा गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से राणदीप भाटी गैंग के लिए रंगदारी और हत्या के नेटवर्क को संचालित करना शुरू कर दिया था। उस पर घोषित 50 हजार के इनाम के चलते पुलिस की विशेष विंग उसकी टोह ले रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमन के मारे जाने से पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय राणदीप भाटी गैंग की रीढ़ टूट गई है और अब पुलिस उसके छिपने में मदद करने वाले स्थानीय मददगारों और गैंग के अन्य फरार शूटरों की तलाश में जुटी है।


