हरियाणा के गुरुग्राम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे बेहद गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हादसा सोहना क्षेत्र में गांव धुनेला के पास हुआ, जहां राजस्थान के बालाजी मंदिर से दर्शन कर दिल्ली लौट रही एक कार सड़क किनारे खड़ी टूरिस्ट बस के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन बस के नीचे फंस गया। दुर्घटना के पश्चात घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल घटना स्थल पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के उद्देश्य से काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और दो मासूम बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान 40 वर्षीय बमबम प्रसाद शाह, उनकी 37 वर्षीय पत्नी रूपा देवी और 12 वर्षीय बेटी माही के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से बिहार के बांका जिले के भादरा गांव का रहने वाला था और पिछले करीब 14 वर्षों से दिल्ली के रजोकरी क्षेत्र में रह रहा था। बमबम प्रसाद शाह पेशे से टैक्सी चालक थे और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार राजस्थान के दौसा जिले में स्थित प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन करने गया था। बुधवार रात दर्शन के बाद परिवार कार से दिल्ली लौट रहा था। इसी बीच गुरुवार तड़के करीब चार बजे धुनेला गांव के पास यह दर्दनाक दुर्घटना हो गई। हादसे में दंपती और उनकी बेटी की जान चली गई, जबकि उनके दो अन्य बच्चे बेहद गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
प्रारंभिक प्राप्त विवरण के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर एक टूरिस्ट बस खराब होने की वजह से खड़ी थी। इसी बीच पीछे से आ रही कार बस से जा टकराई। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा सम्पूर्ण रूप से पिचक गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। दुर्घटना से जुड़ी आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस, दमकलकर्मियों और बचाव दल ने राहत अभियान शुरू किया। कार इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी कि उसमें फंसे लोगों को निकालना आसान नहीं था। वाहन को बस के नीचे से निकालने के उद्देश्य से क्रेन की मदद भी लेनी पड़ी। बचावकर्मियों ने काफी देर तक प्रयास किया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
हादसे में जीवित बचे दोनों बच्चों को निकालने के उद्देश्य से बचाव दल को विशेष प्रयास करने पड़े। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में करीब एक घंटे का समय लगा। उसी समय बचावकर्मी निरंतर बच्चों से बातचीत करते रहे, जिससे उन्हें स्थिति का भरोसा दिलाया जा सके और बचाव कार्य सावधानी से पूरा किया जा सके। दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, दोनों की हालत गंभीर बताई गई। दूसरी ओर, दंपती और उनकी बेटी को भी कार से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर मिलने के बाद परिजनों में शोक छा गया।
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में दुर्घटना की वजह सेों का जानने का कोशिशें की जा रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सड़क किनारे खड़ी बस के पिछले हिस्से से टकरा गई। इसके बावजूद, हादसे की सटीक वजह और उसमें संभावित लापरवाही की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी जानने में जुटी है कि बस किस कारण खराब हुई थी और उसे एक्सप्रेसवे पर किस स्थिति में खड़ा किया गया था। जांच में बस चालक और उसके मालिक की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
इस प्रकरण में मृतक के भाई राजीव कुमार की शिकायत पर भोंडसी थाना पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और दुर्घटना की वजह सेों की जांच आरंभ कर दी है। अधिकारियों ने जो विवरण साझा किया, उसके अनुसार, पोस्टमार्टम की कार्यवाही की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। पड़ताल के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि खराब बस को सड़क पर खड़ा करने के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं। एक्सप्रेसवे जैसे तेज रफ्तार मार्ग पर खराब वाहन को उचित संकेतों और सुरक्षा के इंतजाम के बिना खड़ा छोड़ना अन्य वाहन चालकों के उद्देश्य से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसके बावजूद, इस प्रकरण में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच से सामने आने वाले निष्कर्षों को आधार बनाकर ही होगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा और खराब वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने की व्यवस्था के संबंध में अहम प्रश्न खड़े करता है। धार्मिक यात्रा से लौट रहा परिवार अपने घर पहुंचने से पहले ही इस दर्दनाक दुर्घटना का शिकार हो गया। तीन लोगों की मौत के बाद परिवार के दो बच्चे अस्पताल में जिंदगी के उद्देश्य से संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस दुर्घटना की वजह सेों, बस की स्थिति और चालक की जिम्मेदारी की इसकी पड़ताल में जुटी है। अब जांच रिपोर्ट और जुड़े हुए साक्ष्यों को आधार बनाकर ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।





