Para Athlete Neeraj Yadav Death: दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास मृत मिले तीन बार के एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव, संदिग्ध मौत की जांच में जुटी पुलिस
नई दिल्ली। देश के पैरा खेल जगत से एक दुखद खबर उजागर हुई है। तीन बार के एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट नीरज यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई है। 42 वर्षीय नीरज यादव मंगलवार, 27 अक्टूबर की रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास अपनी कार के नजदीक सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस वारदात के बाद दिल्ली पुलिस टीम ने मौत की परिस्थितियों की जांच आरंभ कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार 28 अक्टूबर की रात लगभग 12 बजकर 8 मिनट पर जाफराबाद थाने को गुरु तेग बहादुर अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को आपातकालीन विभाग में लाया गया है, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और मृतक की पहचान अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट नीरज यादव के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि नीरज हरियाणा के सोनीपत में रह रहे थे और वहां ऑनलाइन खेल प्रशिक्षण से जुड़े हुए एक अकादमी संचालित करते थे।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि नीरज यादव को अस्पताल पहुंचाने वाली महिला उनकी परिचित थी। महिला के बयान के मुताबिक, दोनों दिसंबर 2025 से एक-दूसरे को जानते थे। मंगलवार को महिला नीरज से मिलने सोनीपत गई थी। वहां दोनों के बीच भविष्य में संपर्क बनाए रखने के संबंध में बातचीत हुई। इसके पश्चात नीरज अपनी स्कॉर्पियो-एन कार से महिला को दिल्ली के मौजपुर इलाके में छोड़ने आए थे।
महिला ने पुलिस को कहा कि रात लगभग नौ बजे नीरज यादव ने उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। इसके पश्चात वह उनकी तलाश करते हुए मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास पहुंची। वहां नीरज अपनी कार के नजदीक सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े मिले। महिला उन्हें उपचार के उद्देश्य से अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस प्रकरण में पुलिस मौत के संभावित कारणों और घटना से पहले के घटनाक्रम की जांच में जुटी है। प्रारंभिक स्तर पर आत्महत्या की आशंका भी उजागर हुई है, लेकिन इसकी आखिरी पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मृत्यु का असल कारण स्पष्ट हो सकेगा। जाफराबाद थाना पुलिस टीम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
नीरज यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से जुड़े थे और पिछले कुछ समय से हरियाणा के सोनीपत में रह रहे थे। वह अंशनीर स्पोर्ट्स एकेडमी नाम से ऑनलाइन खेल प्रशिक्षण अकादमी चलाते थे। खेलों से जुड़े रहने के साथ वह नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की दिशा में भी सक्रिय थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन वर्ष की बेटी हैं।
नीरज यादव भारतीय पैरा एथलेटिक्स के जाने-माने खिलाड़ियों में शामिल थे। बचपन में पोलियो की वजह से उन्हें शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का अपना प्रयास जारी रखा। शुरुआत में उन्होंने व्हीलचेयर टेनिस खेला और बाद में वर्ष 2013 में पैरा एथलेटिक्स की ओर रुख किया। उन्होंने भाला फेंक, चक्का फेंक और गोला फेंक जैसी स्पर्धाओं में अपनी पहचान बनाई।
उनके अंतरराष्ट्रीय खेल करियर की मुख्य उपलब्धियों में वर्ष 2018 के जकार्ता एशियन पैरा गेम्स का स्वर्ण पदक शामिल है। उन्होंने पुरुषों की एफ-55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था और एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में विशेष पहचान दिलाई।
इसके पश्चात वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में नीरज यादव ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एफ-55 वर्ग की भाला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। इस प्रकार एशियन पैरा गेम्स में उनके स्वर्ण पदकों की कुल संख्या तीन हो गई। उनकी इन उपलब्धियों ने भारतीय पैरा खेलों में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बनाया।
बहरहाल, उनके खेल करियर में चुनौतियां भी आईं। वर्ष 2023 में प्रतिबंधित पदार्थ से जुड़े हुए डोपिंग मामले के बाद उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा था। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी प्रतिबंध की वजह से वह वर्ष 2026 के एशियन पैरा गेम्स में भाग नहीं ले सके थे। लेकिन इस परिस्थिति और उनकी मौत के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस वर्तमान में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी है।
नीरज यादव की मौत की खबर उजागर होने के बाद पैरा खेल जगत में शोक की लहर है। पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल सहित खेल जगत से जुड़े लोगों ने इस वारदात पर दुख व्यक्त किया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के उद्देश्य से तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी का इस प्रकार निधन होना भारतीय पैरा खेल समुदाय के उद्देश्य से बड़ी क्षति समझा जा रहा है।
दिल्ली पुलिस अब घटना से जुड़े हुए परिस्थितियों, महिला के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों की जांच में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नीरज यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वर्तमान में पुलिस टीम ने किसी आखिरी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।





