Noida Airport Cargo Corridor: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो कॉरिडोर अधूरा, सीधी कनेक्टिविटी न मिलने से अटका उद्देश्य
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के विशाल कार्गो हब तक देश-विदेश के औद्योगिक माल की निर्बाध और तेज आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बनाया जा रहा डेडिकेटेड कार्गो कॉरिडोर अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट की ओर जाने वाले इस विशेष कॉरिडोर की 9.1 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद मालवाहक वाहनों को कार्गो टर्मिनल तक सीधे पहुंचने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। अंतिम छोर पर सीधी कनेक्टिविटी का काम अधूरा होने के कारण एयरपोर्ट के लिए आने-जाने वाले शिपमेंट और भारी वाहनों को मजबूरी में पुरानी व नियमित व्यस्त सड़कों से होकर ही गुजरना पड़ रहा है, जिससे इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य फिलहाल पूरा नहीं हो पा रहा है।
इस अलग कॉरिडोर की योजना इसलिए बनाई गई थी ताकि कार्गो टर्मिनल को सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़कर लॉजिस्टिक्स वाहनों को सामान्य नागरिक यातायात से अलग किया जा सके। इससे मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने के साथ-साथ माल की लोडिंग और अनलोडिंग में लगने वाले समय में भारी बचत होने की उम्मीद थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत के एक बड़े एविएशन और कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से लाखों टन औद्योगिक माल की ढुलाई प्रतिदिन होनी है। ऐसे में जब तक कॉरिडोर का अंतिम हिस्सा सीधे कार्गो हब के गेट और टर्मिनल से नहीं जुड़ जाता, तब तक माल परिवहन में न केवल समय की बर्बादी होगी बल्कि आसपास के मार्गों पर जाम की समस्या भी पैदा हो सकती है। अब सभी संबंधित एजेंसियों की निगाहें शेष बचे कनेक्टिविटी कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने और इसकी अंतिम समय सीमा पर टिकी हुई हैं।





