Farmers Protest Postponed: 16 सूत्रीय मांगों पर प्राधिकरण से सकारात्मक वार्ता के बाद किसानों का दिल्ली कूच टला
अपनी 16 सूत्रीय बुनियादी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर चल रहे भारतीय किसान यूनियन (बलराज) और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद किसानों ने अपना प्रस्तावित दिल्ली कूच फिलहाल टाल दिया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार संगठन से जुड़े हजारों किसान 27 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर एकत्र होकर दिल्ली संसद की ओर कूच करने वाले थे।
टकराव की स्थिति को टालने के लिए प्राधिकरण कार्यालय में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी के नेतृत्व में एक मैराथन बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसीओ लक्ष्मी सिंह, ओएसडी गिरीश झा, महाप्रबंधक स्तर के तकनीकी अधिकारी और एसीपी सेंट्रल राजीव गुप्ता प्रशासनिक पक्ष से शामिल हुए। वार्ता की मेज पर किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का एकमुश्त वितरण, 10 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंडों का आवंटन, पात्र काश्तकारों को 4 व 6 फीसदी के प्लाट देने और वर्षों से लंबित लीज बैक मामलों के त्वरित निस्तारण की मांग को पूरी मजबूती से रखा। इसके अतिरिक्त किसानों के बच्चों को स्थानीय शिक्षण संस्थानों व अस्पतालों में 50 प्रतिशत तक छूट, निजी औद्योगिक इकाइयों में रोजगार में प्राथमिकता और सभी गांवों में एक समान विकास कार्य कराने की मांग उठाई गई।
यूनियन के अध्यक्ष बलराज भाटी ने स्पष्ट कहा कि किसानों ने विकास के लिए अपनी बेशकीमती उपजाऊ जमीन दी है, इसलिए उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। प्राधिकरण अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दीपावली के तुरंत बाद इन सभी मांगों के समाधान पर ठोस कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस आधिकारिक भरोसे के बाद संगठन ने दिल्ली मार्च को स्थगित करने की घोषणा की, हालांकि चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा में समाधान नहीं निकला तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।





