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Greater Noida Crime: बाइक चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, सरगना समेत 4 गिरफ्तार; 20 लाख के 14 वाहन बरामद

Greater Noida Crime: बाइक चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, सरगना समेत 4 गिरफ्तार; 20 लाख के 14 वाहन बरामद

नोएडा। ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर थाना पुलिस ने दुपहिया वाहन चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 12 मोटरसाइकिल और दो स्कूटी समेत कुल 14 चोरी के वाहन बरामद किए हैं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस का दावा है कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर के साथ आसपास के जिलों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि सूरजपुर थाना पुलिस की टीम गुलिस्तापुर अंडरपास से एलजी कंपनी की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को बिना नंबर प्लेट की दो मोटरसाइकिल आती दिखाई दीं। दोनों मोटरसाइकिलों पर दो-दो युवक सवार थे।

पुलिस ने संदेह होने पर चारों युवकों को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि पुलिस को देखकर उन्होंने मोटरसाइकिलों से भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर चारों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान दिल्ली निवासी शिवम उर्फ शूटर, बदायूं निवासी अभिषेक, बिहार निवासी अजीत और कुलेसरा निवासी गौरव के रूप में हुई।

पुलिस ने आरोपियों से दोनों बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों के संबंध में पूछताछ की। इसके बाद वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी सामने आई। पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों द्वारा बताए गए एक जंगल में पहुंची, जहां चोरी के अन्य दुपहिया वाहन छिपाकर रखे गए थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी वाहन चोरी करने के तुरंत बाद उन्हें बेचने के बजाय पहले एक स्थान पर इकट्ठा करते थे। चोरी की मोटरसाइकिलों और स्कूटी को जंगल में छिपाकर रखा जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचाया जा सके। कुछ समय बीतने के बाद इन वाहनों को कम कीमत पर बेचने का प्रयास किया जाता था।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 12 मोटरसाइकिल और दो स्कूटी बरामद की हैं। पुलिस ने इन 14 वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई है। अब वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर समेत अन्य विवरण के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बरामद वाहन किन-किन थाना क्षेत्रों से चोरी हुए थे और उनके संबंध में कहां-कहां मुकदमे दर्ज हैं। वाहन मालिकों की पहचान होने के बाद संबंधित मुकदमों से बरामद वाहनों को जोड़ा जाएगा।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों में सक्रिय थे। आरोपियों के निशाने पर खासतौर पर साप्ताहिक बाजारों में खड़े दुपहिया वाहन रहते थे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी कर फरार हो जाते थे।

पुलिस का दावा है कि चोरी के वाहनों को कुछ समय तक छिपाकर रखने के बाद आरोपी उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य कई चोरी की मोटरसाइकिलें रेहड़ी और जुगाड़ चलाने वाले लोगों को बेचते थे। अब ऐसे लोगों की भी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने आरोपियों से चोरी के वाहन खरीदे हो सकते हैं।

पुलिस ने शिवम उर्फ शूटर को इस गिरोह का सरगना बताया है। उसके साथ अभिषेक, अजीत और गौरव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में चारों आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं। चोरी के वाहनों को छिपाने, उनका स्वरूप बदलने या उन्हें बेचने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ और बरामद वाहनों की जांच के आधार पर दिल्ली-एनसीआर तथा आसपास के इलाकों में हुई वाहन चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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