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आप ने चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत दर्ज की

 

चंडीगढ़, 9 अप्रैल( कोमल रमोला )

आम आदमी पार्टी (आप) ने राजनीतिक अभियान के संबंध में चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की।

मंगलवार को आप के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। भारत के चुनाव आयोग और पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी को संबोधित एक पत्र में आप नेता ने कहा कि सुखबीर बादल ने अपनी पंजाब बचाओ यात्रा के दौरान अपने अभियान के लिए एक बच्चे का इस्तेमाल किया, जो एक राजनीतिक अभियान है।

हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में हरचंद सिंह बरसट, डॉ. सनी अहलूवालिया, मलविंदर सिंह कंग और तरूणप्रीत सिंह सोंध समेत एक आप का प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक तौर पर यह शिकायत दर्ज कराने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचा।

पत्र में कहा गया है कि 06.04.2024 को शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपने चुनाव अभियान ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ के दौरान रायकोट में दोपहर 1:07:02 बजे से 1:08:10 बजे के बीच निर्देशों का उल्लंघन किया है/ जब उन्होंने एक बच्चे से शिरोमणि अकाली दल जिंदाबाद और वोट फॉर अकाली दल के नारे लगवाए जो भारत के चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देश का उल्लंघन है। पार्टी ने घटना का वीडियोग्राफी सबूत भी सौंपा।

इसमें आगे कहा गया है कि अकाली दल और सुखबीर सिंह बादल की यह गतिविधि माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट के 4 अगस्त, 2014 में दिए गए फैसले के आदेश का भी उल्लंघन है। 2012 का 127 (चेतन रामलाल भुटाड़ा बनाम महाराष्ट्र राज्य) जिसने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया था कि राजनीतिक दल किसी को चुनाव संबंधी गतिविधियों में नाबालिग बच्चों की भागीदारी की अनुमति नहीं हैं। सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। लेकिन सुखबीर बादल ने निर्देशों की अवहेलना की।

प्रेस को जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल ने एक बच्चे से शिरोमणि अकाली दल जिंदाबाद के नारे लगवाए और अकाली दल को वोट दिया। उन्होंने बच्चे को माइक दिया और उससे सभा को संबोधित करने को कहा। चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल का यह काम निम्न स्तर का है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और चुनाव आयोग को एक उदाहरण स्थापित करने के लिए शिअद अध्यक्ष के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के ये पारंपरिक राजनीतिक दल और वंशवादी राजनेता आदतन नियम तोड़ने वाले हैं। अकाली-भाजपा सरकार के दौरान उन्होंने हर नियम-कानून की धज्जियां उड़ाईं और पंजाब में माफिया राज स्थापित किया। अब एक बार फिर सुखबीर बादल ने अपनी ‘परिवार बचाओ यात्रा’ में एक बच्चे को चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल करके साबित कर दिया कि उन्हें चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों या कानून की कोई परवाह नहीं है।

उन्होंने कहा कि 16 मार्च 2024 को देश में आचार संहिता लागू कर दी गई। सभी राजनीतिक दलों और सरकारी कामकाज कैसे होंगे, इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अपनी ‘परिवार बचाओ यात्रा’ के दौरान शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने बच्चों से अकाली दल जिंदाबाद के नारे लगवाए और उनसे शिरोमणि अकाली दल के लिए वोट की अपील करने को कहा। सुखबीर सिंह बादल द्वारा अपने चुनाव प्रचार के लिए बच्चे का उपयोग करने का यह कृत्य ईसीआई द्वारा उनके पत्र संख्या में जारी निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

ECI/PN/11/2024 दिनांक: 5 फरवरी, 2024 जिसमें ईसीआई ने राजनीतिक दलों को चुनाव अभियानों में बच्चों के उपयोग पर रोक लगाई है। देश का कानून भी यही कहता है कि 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे से चुनाव प्रचार नहीं कराया जा सकता। लेकिन शिअद और बादल ने दिशानिर्देशों और कानून का उल्लंघन किया क्योंकि वे कानून में विश्वास नहीं करते हैं। इसलिए शिरोमणि अकाली दल और सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल कोई ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ नहीं निकाल रहे हैं, यह ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है क्योंकि दस साल तक उन्होंने पंजाब को लूटा। उन्होंने रेत माफिया, परिवहन माफिया और ड्रग माफिया को बढ़ावा दिया। अब अपने परिवार के राजनीतिक करियर को बचाने के लिए बादल यह ‘यात्रा’ कर रहे हैं, जिसमें वह आचार संहिता के नियमों का
पालन भी नहीं कर रहे हैं।

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संवाददाता

Komal Ramola

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