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Noida Illegal Construction: यमुना-हिंडन डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर सख्ती, तीन दिन में सर्वे रिपोर्ट तलब

Noida Illegal Construction: यमुना-हिंडन डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर सख्ती, तीन दिन में सर्वे रिपोर्ट तलब

नोएडा। यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सदर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आशुतोष गुप्ता ने संबंधित लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि वे डूब क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट के आधार पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार सेक्टर-150 के मोमनाथल सहित 20 से अधिक गांवों के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किया गया है। इन इलाकों में बिना अनुमति प्लॉटिंग, होटल, हॉस्टल, मकान, दुकान और फार्म हाउस बनाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और बाढ़ प्रबंधन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यमुना और हिंडन के किनारे बसे कई गांवों में स्थिति यह है कि डूब क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अवैध निर्माण से घिर चुका है। प्रशासन का कहना है कि बारिश और बाढ़ के दौरान इन इलाकों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल महीने में जिला प्रशासन ने 20 गांवों में हो रहे अवैध निर्माण का विवरण, संबंधित गाटा और खसरा संख्या तथा कथित कॉलोनाइजरों के नामों की सूची नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भेजी थी, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। अब इस सूची का पुनः सत्यापन कर अद्यतन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार चकबसंतपुर, वाजिदपुर, शाहपुर गोवर्धन खादर और शहदरा सहित कई गांव ऐसे हैं, जहां डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण होने की शिकायतें मिली हैं। कई स्थानों पर डूब क्षेत्र की लगभग पूरी भूमि पर प्लॉटिंग और फार्म हाउस विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने सभी संबंधित लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि वे मौके पर जाकर सर्वेक्षण करें, पुराने रिकॉर्ड का मिलान करें और यदि अन्य गांवों में भी इसी प्रकार के अवैध निर्माण मिले तो उन्हें भी रिपोर्ट में शामिल करें। प्रशासन का उद्देश्य डूब क्षेत्र में हुए सभी अवैध निर्माणों का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।

प्रशासन का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में डूब क्षेत्र में नए निर्माण को रोकने के लिए भी निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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