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Blood Products Regulation: स्वास्थ्य मंत्रालय ने ब्लड प्रोडक्ट्स जांच नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया

Blood Products Regulation: स्वास्थ्य मंत्रालय ने ब्लड प्रोडक्ट्स जांच नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया

नई दिल्ली, 11 मार्च: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रक्त से बने औषधीय उत्पादों (Blood Products) की जांच के नियमों को अपडेट करने के लिए ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। 9 मार्च को प्रकाशित राजपत्र में सभी हितधारकों से कहा गया है कि वे निर्धारित समय-सीमा में अपने सुझाव, टिप्पणियां और राय दें।

प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य ब्लड प्रोडक्ट्स की जांच को अंतरराष्ट्रीय फार्माकोपिया मानकों के अनुरूप बनाना और अनावश्यक दोहरी जांच को समाप्त करना है। वर्तमान नियमों के तहत रक्त प्लाज्मा के परीक्षण के बाद उससे बने अंतिम उत्पादों की फिर वही वायरल जांच की जाती है, जो पहले ही संपन्न हो चुकी होती है। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसे भारतीय फार्माकोपिया, ब्रिटिश फार्माकोपिया, अमेरिकी फार्माकोपिया और यूरोपीय फार्माकोपिया के अनुसार प्लाज्मा की पहले पूल में ही कड़ी जांच की जाती है। इसमें हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी जैसी वायरल जांच अनिवार्य है। जांच सुरक्षित पाए जाने के बाद ही प्लाज्मा से औषधीय उत्पाद बनाए जाते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस संशोधन से नियमों का वैज्ञानिक सरलीकरण होगा, अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ सामंजस्य स्थापित होगा और अनुपालन बोझ कम होगा। साथ ही मरीजों की सुरक्षा के उच्चतम मानक बनाए रखे जाएंगे। मंत्रालय ने सभी हितधारकों से अपने सुझाव निर्धारित समय-सीमा के भीतर देने का आग्रह किया है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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