Noida job fraud: नोएडा में विदेश नौकरी के नाम पर 70 लाख की ठगी, 100 से अधिक लोग बने शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार

Noida job fraud: नोएडा में विदेश नौकरी के नाम पर 70 लाख की ठगी, 100 से अधिक लोग बने शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार
नोएडा। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर 100 से अधिक लोगों से करीब 70 लाख रुपये की ठगी की। प्रोसेसिंग फीस, वीज़ा और टिकट के नाम पर प्रति व्यक्ति दो से ढाई लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नियाज अहमद उर्फ अरमान निवासी महाराजगंज, दिल्ली और राजू शाह निवासी सीवान, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से नौ भारतीय पासपोर्ट, चार मोबाइल फोन और 73,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में आवेदकों का डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब Tiruchirappalli (तमिलनाडु) निवासी श्री तिरूमूर्ति ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित ने बताया कि अज्ञात जालसाजों ने उसे विदेश में नौकरी का विज्ञापन दिखाकर करीब डेढ़ लाख रुपये ठग लिए और अब प्रोसेस के नाम पर और रकम की मांग कर रहे हैं। उसे शेष राशि लेकर सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग के पास बुलाया गया था।
सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-126 पुलिस ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता से व्हाट्सऐप कॉल के जरिए आरोपियों को बुलवाया गया। आरोपियों ने सफेद रंग की टाटा नेक्सन कार से आने की बात कही। करीब 20 मिनट बाद जैसे ही वाहन डीएमआई टी-प्वाइंट के पास पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी कंपनियों के नाम पर फर्जी जॉब विज्ञापन तैयार करते थे। इन विज्ञापनों में ऊंची सैलरी, फ्री वीज़ा, फ्री टिकट और तत्काल जॉइनिंग का लालच दिया जाता था। इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और फेसबुक पर प्रचारित किया जाता था।
दोनों ने ‘FUTURE LIGHT MANPOWER’ नाम से एक फर्जी कंपनी भी बनाई थी, जिसके जरिए पूरी ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। जब कोई व्यक्ति संपर्क करता, तो उससे जरूरी दस्तावेज मंगवाए जाते और फिर फर्जी ऑफर लेटर, टिकट और अन्य दस्तावेज भेजे जाते। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, वीज़ा चार्ज, मेडिकल टेस्ट और एम्बेसी अप्रूवल के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। संभावना है कि देश के अलग-अलग राज्यों के लोग इस गिरोह का शिकार हुए हैं।
पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों से भी आगे आने की अपील कर रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।