Saturday, 24 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Ayodhya : योगी सरकार के मार्गदर्शन में अयोध्या में जगमगाएंगे 30 लाख से अधिक दीप, नया कीर्तिमान रचने की तैयारीAyodhya : दीपोत्सव-2026 से पहले निखरेगी रामनगरी की भव्यता, प्रमुख मार्गों के सौंदर्यीकरण में जुटा लोक निर्माण विभागLucknow : 26 अक्टूबर को धूमधाम से महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाएगी योगी सरकारMathura : वृंदावन में गंगा नृत्य नाटिका के साथ ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों का शुभारंभNew Delhi : दिल्ली क्वीन ब्यूटी पेजेंट 2026 का आयोजन, मुस्कान सेन बनीं विजेताChandigarh : दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने ऊपर से दबाव का हवाला देकर मुझे 2 घंटे तक रोककर रखा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानChandigarh : वोट-चोरी’ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा; एसआईआर को तुरंत रद्द किया जाए- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानTiger Shroff Firing Case: सलमान खान और रणबीर कपूर के घरों की रेकी का दावा, टाइगर पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

AIIMS Delhi: मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज मरीजों को नई जिंदगी, अनियंत्रित ब्लड शुगर हुआ सामान्य

AIIMS Delhi: मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज मरीजों को नई जिंदगी, अनियंत्रित ब्लड शुगर हुआ सामान्य

नई दिल्ली, 18 जनवरी। टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के लिए मेटाबॉलिक सर्जरी एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। एम्स दिल्ली के सर्जरी ब्लॉक में रविवार को आयोजित विशेष बैठक में करीब 30 से अधिक ऐसे मरीज शामिल हुए, जिन्हें मेटाबॉलिक सर्जरी के बाद टाइप-2 डायबिटीज से मुक्ति मिल चुकी है। यह सर्जरी न केवल अनियंत्रित डायबिटीज को नियंत्रित कर रही है, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों को होने वाले गंभीर नुकसान से भी मरीजों को बचा रही है और स्वस्थ व दीर्घ जीवन की संभावनाओं को बढ़ा रही है।

एम्स दिल्ली के सर्जरी विभाग के डॉ. मंजूनाथ मारुति पोल ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज, जो दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद नियंत्रित नहीं हो पाती, उसे मात्र दो घंटे की मेटाबॉलिक सर्जरी के जरिए पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। पिछले 18 महीनों में एम्स में 16 वर्ष के किशोर से लेकर 65 वर्ष तक के बुजुर्गों सहित 30 से अधिक मरीजों पर यह सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी है। सर्जरी के बाद मरीजों की ब्लड शुगर सामान्य स्तर पर आ गई और उन्हें डायबिटीज की दवाओं से छुटकारा मिला।

डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि मेटाबॉलिक सर्जरी के बाद शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे ब्लड शुगर स्वतः नियंत्रित होने लगती है। इसके साथ ही जीएलपी-1 जैसे हार्मोन सक्रिय होते हैं, जो वजन घटाने में मदद करते हैं और लिपिड प्रोफाइल तथा संपूर्ण मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अनियंत्रित डायबिटीज किडनी, हृदय, आंखों, नसों और पैरों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अंधापन और पैरों में अल्सर जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकती है, जिनका अंतिम चरण अंग प्रत्यारोपण या अंग काटने तक पहुंच सकता है। ऐसे में मेटाबॉलिक सर्जरी मरीजों को न केवल डायबिटीज से राहत देती है, बल्कि अंग विफलता के खतरे से भी बचाती है।

एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बैरिएट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी किसी भी तरह का कॉस्मेटिक या सौंदर्य उपचार नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर चिकित्सीय प्रक्रिया है। इसके लिए सही मरीज का चयन, सर्जरी से पहले विस्तृत जांच, सर्जरी के बाद पोषण प्रबंधन और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और मरीज की अनुशासित जीवनशैली ही इस सर्जरी की दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।

इस अवसर पर सर्जरी विभाग की यूनिट-2 द्वारा मेटाबॉलिक सर्जरी करा चुके मरीजों की सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य मरीजों के अनुभव साझा करना और नए मरीजों की शंकाओं का समाधान करना था। बैठक में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी मौजूद रहे, जिन्होंने करीब छह माह पहले स्वयं एम्स में मेटाबॉलिक सर्जरी करवाई है। सांसद कुलस्ते ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सर्जरी के बाद उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे स्वयं को पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं। उन्होंने एम्स के डॉक्टरों और चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए कहा कि मेटाबॉलिक सर्जरी हजारों टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के जीवन को नई दिशा दे सकती है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें