यीडा में विश्वविद्यालय के लिए जमीन आवंटित

अमर सैनी

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की सेक्टर-17ए और 22ई को शैक्षिक हब के रूप में विकसित होंगे। एयरपोर्ट आने से यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बीते दिनों यमुना प्राधिकरण ने पांच भूखंडों पर प्रस्ताव मांगे थे। इनमें से तीन को-डेवलपर ने भूखंडों पर विश्वविद्यालय बनाने के लिए प्राधिकरण के नियम और शर्तों को मान लिया । सोमवार को तीनों विश्वविद्यालयों को भूखंड आवंटन कर दिया गया।

सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई शिक्षण संस्थान यमुना सिटी में अपने परिसर स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रहे है। फिलहाल सेक्टर-22ई में तीन विश्वविद्यालय जेबीएम, नरसी मोनजी और फोर स्कूल निर्माणाधीन हैं। इस सेक्टर में पांच और विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित करने की योजना थी। भूखंडों पर आवंटन प्राप्त करने के लिए साक्षात्कार लिए गए। इसमें से आवेदकों को 100 में से 54 अंक प्राप्त करने थे। इनमें 30 अंक एकमुश्त पैसा जमा कराने को लेकर था। अन्य अंकों के लिए अलग नियम और शर्तें लागू की गई थी। प्राधिकरण के मुताबिक पांच में से तीन भूखंडों पर आचार्य कुंद कुंद मंगलायतन विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी मिशन को 10-10 एकड़ के भूखंड का आवंटन कर दिया गया है, जबकि डॉ. अखिलेश दास और दरबारी लाल फाउंडेशन का आवेदन निरस्त कर दिया गया। इन्हें 54 से कम अंक मिले। मंगलायतन विश्वविद्यालय की स्थापना रांची, अलीगढ़, पंजाब, सिक्किम और ईटानगर में पहले से हो चुकी है। इस विश्वविद्यालय के कई स्कूल भी हैं और अब यह यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अपनी नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने जा रहा है। एमिटी विश्वविद्यालय भारत के 12 विभिन्न स्थानों पर संचालित है और 15 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों के माध्यम से भी शिक्षा प्रदान करता है। एमिटी के पास नेक से ए प्लस मान्यता है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है, जबकि महात्मा गांधी मिशन पहली बार उत्तर प्रदेश में अपनी शाखा स्थापित कर रहा है। इसके अंतर्गत पांच मेडिकल कॉलेज और कई स्कूल संचालित हैं।

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