Yamuna City Skill Centre: यमुना सिटी के सेक्टर-22ई में 22 एकड़ में बनेगा कौशल विकास केंद्र, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
यमुना सिटी में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सेक्टर-22ई में कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है। प्रस्तावित केंद्र के लिए करीब 22 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। यहां स्थानीय युवाओं को नए क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हब एवं स्पोक मॉडल पर कौशल विकास और रोजगार का एकीकृत तंत्र तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। योजना में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और हापुड़ को जोन-1 में रखा गया है। प्रदेश के अन्य जिलों को मिलाकर कुल आठ जोन बनाए गए हैं।
योजना के तहत स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों, बाजार की मांग और मानव संसाधन की जरूरतों के आधार पर प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी। केंद्र के लिए सेक्टर-22ई इसलिए चुना गया क्योंकि यह यमुना एक्सप्रेसवे से सटा है और नोएडा एयरपोर्ट के निकट स्थित है।
प्रस्तावित केंद्रों का विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी सहभागिता वाले डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन एवं हस्तांतरण मॉडल अथवा सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जा सकता है। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की योजना है।
यमुना सिटी में 35 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। क्षेत्र में पांच विशेष औद्योगिक पार्क और फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी तथा अन्य प्रस्तावित परियोजनाएं भी विकास की प्रक्रिया में हैं। वर्ष के अंत तक 200 इकाइयों के शुरू होने का लक्ष्य बताया गया है।
यीडा के सीईओ आरके सिंह के अनुसार कौशल विकास केंद्र के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है और निर्माण संबंधी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि केंद्र बनने से स्थानीय युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।





