Yamuna City Industry: यमुना सिटी में न्यू होलैंड लगाएगी ट्रैक्टर निर्माण इकाई, 5000 करोड़ का निवेश, हजारों को रोजगार
यमुना सिटी में औद्योगिक विकास को नई गति
नोएडा: यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक निवेश का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में अब प्रसिद्ध ट्रैक्टर निर्माता कंपनी न्यू होलैंड ने क्षेत्र में अपनी नई उत्पादन इकाई स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने कंपनी को 100 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी कर दिया है।
5000 करोड़ का निवेश और रोजगार के अवसर
मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि कंपनी इस परियोजना में लगभग 5000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी यहां ट्रैक्टर के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों का उत्पादन करेगी, जिससे क्षेत्र में ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
सेक्टर-8डी में मिलेगा औद्योगिक भूखंड
न्यू होलैंड को यमुना सिटी के सेक्टर-8डी में भूमि देने पर सहमति बन चुकी है। प्रस्ताव को इन्वेस्ट यूपी के पास भेजा गया है और अनुमति मिलने के बाद जमीन का औपचारिक आवंटन कर दिया जाएगा। यीडा अधिकारियों का कहना है कि यह निवेश यमुना सिटी के लिए औद्योगिक विकास की नई दिशा तय करेगा, क्योंकि इस क्षेत्र की पहचान अब तेज़ी से एक ऑटोमोबाइल हब के रूप में बन रही है।
एस्कोर्ट कबौटा कंपनी को भी भूमि आवंटन की तैयारी
इससे पहले एस्कोर्ट कबौटा लिमिटेड को भी यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 200 एकड़ भूमि देने पर सहमति बन चुकी है। यह कंपनी दो चरणों में लगभग 6000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां भी ट्रैक्टर इंजन और कृषि उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों कंपनियों के आने से यमुना सिटी औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यीडा क्षेत्र में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के बाद से निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। प्राधिकरण को देश और विदेश की कई कंपनियों से निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। एयरपोर्ट के समीप विश्वस्तरीय औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उत्तर भारत का यह इलाका औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बन सके।
न्यू होलैंड का पहले से ही ग्रेटर नोएडा में एक बड़ा उत्पादन संयंत्र मौजूद है। नई इकाई के शुरू होने से कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आधुनिक तकनीक से लैस ट्रैक्टरों के निर्माण में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।


