Waste Control: नोएडा में रात में खुले में कूड़ा डालने वालों पर सख्ती, गनमैन करेंगे निगरानी
नोएडा। शहर में रात के समय सड़कों और खुले स्थानों पर अवैध रूप से कूड़ा डालने वालों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। रात 10 बजे से सुबह चार बजे के बीच विभिन्न स्थानों पर कूड़ा फेंके जाने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की आपत्ति के बाद प्राधिकरण ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत तीन गनमैन के साथ प्राधिकरण के अवर अभियंता और एनजीओ के सदस्य रात में निगरानी करेंगे।
प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी कर दिया है। पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी ओएसडी इंदु प्रकाश को सौंपी गई है। प्रत्येक वर्क सर्किल से अवर अभियंताओं की दिनवार ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि रात के समय खुले में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखी जा सके।
प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि नोएडा में रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक कई स्थानों पर अवैध तरीके से खुले में कूड़ा डाले जाने की जानकारी सामने आई है। यह मामला एनजीटी तक पहुंचने के बाद वहां से भी आपत्ति जताई गई। इसके बाद प्राधिकरण के स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी और कार्रवाई की नई व्यवस्था तैयार की गई है।
योजना के तहत प्रत्येक वर्क सर्किल से एक टीम तैयार की जाएगी। ये टीमें शहर में उन संवेदनशील स्थानों पर भ्रमण करेंगी, जहां रात के समय कूड़ा फेंके जाने की शिकायतें अधिक मिलती हैं। टीम मौके पर लोगों को खुले में कूड़ा डालने से रोकेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
निगरानी टीम में प्रत्येक वर्क सर्किल की ओर से नामित अवर अभियंता की दिनवार ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा तीन गनमैन और प्राधिकरण के साथ कार्यरत एनजीओ के दो सदस्यों को भी टीम में शामिल किया जाएगा। इससे रात के समय निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
अभियान के दौरान की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात अवर अभियंताओं को प्रतिदिन की गतिविधियों और कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में अधिकारियों को देनी होगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किन इलाकों में सबसे अधिक कूड़ा फेंका जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि शहर की स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता में शामिल है। रात के समय चोरी-छिपे खुले में कूड़ा डालने की वजह से न केवल शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी पैदा होती हैं। नई निगरानी व्यवस्था के जरिए ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।


