Mobile Recovery: नोएडा पुलिस ने 3 महीने में खोज निकाले 225 मोबाइल, 50 लाख रुपये के फोन मालिकों को लौटाए
नोएडा। भीड़भाड़ वाले बाजार, सड़क, ऑटो या बस में मोबाइल फोन खोने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए नोएडा पुलिस का अभियान राहत लेकर आया है। पुलिस की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना पुलिस की टीमों ने पिछले तीन महीने में 225 कीमती स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने बरामद किए गए मोबाइल फोन की जांच और उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने के बाद उन्हें वापस सौंप दिया। लंबे समय बाद अपना खोया हुआ फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम का आभार जताया।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लोगों की ओर से मोबाइल फोन गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इन मोबाइल फोन को खोजने के लिए तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया।
पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस किया। तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल की लोकेशन और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। इसके आधार पर पुलिस की टीमों ने अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद किए।
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल संबंधित लोगों को वापस सौंप दिए गए।
इस अभियान के तहत अकेले सेक्टर-39 थाना पुलिस ने 44 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये स्मार्टफोन अलग-अलग कंपनियों के थे। पुलिस के मुताबिक मोबाइल फोन में लोगों की निजी और महत्वपूर्ण जानकारी होने के कारण उनका वापस मिलना संबंधित लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण था।
पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीने के दौरान बरामद किए गए सभी 225 स्मार्टफोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये है। अलग-अलग स्थानों से गुम हुए इन मोबाइल फोन को सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से खोजा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक के माध्यम से मोबाइल को ट्रेस करने का प्रयास किया जाता है और बरामदगी के बाद सत्यापन कर फोन उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया जाता है।


