वृंदावन में यमुना तट पर विशाखा का होगा अंतिम संस्कार

अमर सैनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में दनकौर कोतवाली क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे पर कैंटर की टक्कर से कार सवार जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की बड़ी बेटी डॉ. विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई। साथ ही दो बेटियों डॉ. कृष्णा त्रिपाठी और डॉ. श्यामा त्रिपाठी के अलावा 7 अन्य लोग घायल हो गए। तीनों बहनें मथुरा से दिल्ली जा रही थीं। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। घटना के बाद वृंदावन के लोग गमगीन हैं और पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं।
जगद्गुरु कृपालु महाराज की बड़ी बेटी डॉ. विशाखा त्रिपाठी मुख्य रूप से जगद्गुरु कृपालु परिषत की सभी गतिविधियों का संचालन करती थीं। कृपालु महाराज ने प्रतापगढ़ के कुंडा में मनगढ़ मंदिर का निर्माण कराया, लेकिन उन्होंने अपना अधिकांश जीवन वृंदावन में बिताया। जगद्गुरु कृपालु महाराज के निधन के बाद सबसे बड़ी बेटी विशाखा के साथ कृष्ण और श्यामा को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वृंदावन में प्रेम मंदिर आज भक्तों का सबसे पसंदीदा मंदिर है। इसके अलावा बरसाना में बने कीर्ति मंदिर का प्रबंधन भी तीनों बेटियों ने ही किया। वृंदावन में यमुना तट पर होगा अंतिम संस्कार डॉ. विशाखा का पार्थिव शरीर रविवार देर शाम तक वृंदावन पहुंचेगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए प्रेम मंदिर परिसर में रखा जाएगा। सोमवार सुबह यमुना तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कैंटर में एक कंपनी का कार्टन लदा था। घटना के बाद आरोपी मौके पर कैंटर छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों कारों में सवार हंसा, कश्मीरा, जानुका, संजय, दीपक, श्यामा और कृष्ण घायल हैं। सभी का जेवर स्थित कैलाश अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है।

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