Vedic Havan: प्रताप यूनिवर्सिटी जयपुर में 51 बटुकों ने किया वैदिक हवन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर की दीर्घायु की कामना
रिपोर्ट: अजीत कुमार
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रताप यूनिवर्सिटी, जयपुर में विशेष वैदिक हवन का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति शैलेंद्र भदौरिया की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन से आए 51 बटुकों ने वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न कराया। इस दौरान प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए प्रार्थना की गई।
भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं पर आधारित इस आयोजन में विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। हवन के दौरान 51 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया और देश की निरंतर प्रगति एवं समृद्धि की कामना की गई। विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम को संस्कृति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से जोड़ने की पहल बताया गया।
प्रताप यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति शैलेंद्र भदौरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रार्थना, संस्कार और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से शुभ भावनाओं को व्यक्त करने की प्रेरणा देती है।

भदौरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित हवन उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए विश्वविद्यालय परिवार की ओर से प्रार्थना है। उन्होंने विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र की प्रगति से जुड़े संकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलनी चाहिए।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के मुताबिक इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराना भी था। विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा को केवल कक्षाओं और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उज्जैन से आए बटुकों की सहभागिता से कार्यक्रम में वैदिक परंपराओं को प्रमुखता दी गई। मंत्रोच्चार और हवन के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के साथ राष्ट्र की प्रगति एवं समृद्धि की कामना की गई। प्रताप यूनिवर्सिटी ने आयोजन को युवा शैक्षणिक वातावरण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के बीच जुड़ाव स्थापित करने का अवसर बताया।


