Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीLucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमान

उत्तर प्रदेश : हर जिले में 100 तालाबों को मॉडल के रूप में विकसित करेगी योगी सरकार

Lucknow/Gorakhpur : प्रदेश की योगी सरकार ने तालाबों के पर्यावरणीय व सामाजिक महत्व को नए सिरे से स्थापित करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य के लिए विशेष पहल करते हुए सरकार प्रदेश के सभी जिलों में 100-100 तालाबों को ‘मॉडल तालाब’ के रूप में विकसित करने जा रही है। ये मॉडल तालाब ग्रे वाटर और प्लास्टिक से मुक्त होंगे। इससे जल की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मच्छरजनित रोगों में कमी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब केवल जल संग्रहण के साधन ही नहीं हैं बल्कि ग्राउंड वाटर (भू-जल) रिचार्ज, सिंचाई, जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण केंद्र भी रहे हैं। गांवों में प्लास्टिक अपशिष्ट तथा ग्रे वाटर (स्नान, रसोई और कपड़े धोने से निकलने वाला जल) बिना शोधन या उपचार के सीधे तालाब में प्रवाहित कर देने से ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में तालाबों को प्लास्टिक अपशिष्ट और ग्रे वाटर मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग ने मॉडल तालाब विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस कार्ययोजना के मुताबिक हर जिले के 100 तालाब ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जोड़कर मॉडल स्वरूप में निखारे जाएंगे। अभियान को लेकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक की तरफ से सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया गया है।

मॉडल तालाब विकसित करने के क्रम में प्रथम चरण का अभियान 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों में चलेगा। ऐसे गांव में तालाब का चयन कर यह देखा जाएगा कि कितने परिवारों का ग्रे वाटर तालाब में गिर रहा है। कितनी नालियों से पानी तालाब में प्रवाहित किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन कितना प्लास्टिक अपशिष्ट तालाब में डाला जा रहा है। जिस तालाब का चयन किया जाएगा, उसका बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड या जैविक ऑक्सीजन मांग) भी चेक किया जाएगा ताकि तालाब को मॉडल स्वरूप में विकसित करने के बाद तुलनात्मक सुधार का पता लगाया जा सके।

जिला पंचायतराज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह बताते हैं कि मॉडल तालाब विकसित करने के लिए चयनित तालाब के चारों ओर नो प्लास्टिक जोन घोषित किया जाएगा। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत से तालाब में प्लास्टिक अपशिष्ट न फेकने का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। तालाब में गिरने वाली नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जाली, फिल्टर चैंबर लगाया जाएगा। इससे प्लास्टिक और गंदगी तालाब में जाने से पहले ही रुक जाएगी। इसी तरह ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे ग्रे वाटर का प्रवाह सीधे तालाब में न हो। इसके लिए नाली के अंत में बायो फिल्टर सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें कंकड़, रेत के इस्तेमाल के अलावा केली और केना (एक किस्म का खरपतवार) के पौधे लगाए जाएंगे। इस उपचार से पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होकर तालाब में जाएगा। प्लास्टिक और ग्रे वाटर से जुड़े रोकथाम की निगरानी समुदाय स्तर पर की जाएगी। मॉडल तालाब विकसित होने से तालाब प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा, ग्रे वाटर का स्थायी समाधान होगा। जल के स्वच्छ और सुरक्षित होने से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पर्यावरण में आशातीत सुधार होगा।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें