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उत्तर प्रदेश, नोएडा: नोएडा में क्लाउड-9 बिल्डर ने जमा कराए 21.21 करोड़

उत्तर प्रदेश, नोएडा: नोएडा में क्लाउड-9 बिल्डर ने जमा कराए 21.21 करोड़
उत्तर प्रदेश, नोएडा: -NCLT से केस विड्रा होते ही 214 बायर्स की होगी रजिस्ट्री, बोर्ड में गया था प्रस्ताव

अमर सैनी

उत्तर प्रदेश, नोएडा। सेक्टर-100 स्थित क्लाउड 9 प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के लोट्स बुलेवर्ड स्पेशिया अपार्टमेंट के 214 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री हो सकती है। बिल्डर ने स्टॉल्ड लीगेसी के तहत कुल बकाया का 25 प्रतिशत पैसा भी जमा कर दिया है। ऐसे में अगर बिल्डर एनसीएलटी और कोर्ट से अपने केस विड्रा करता है तो इसे स्टॉल्ड लीगेसी में सम्मिलित करते हुए रजिस्ट्री ओपन कर दी जाएंगी।

प्राधिकरण ने बताया कि हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जो भी केस है वो लोटस बुलेवर्ड स्पेशिया अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन ने रजिस्ट्री को लेकर ही है। असल मामला एन सीएलटी में है। जिसमें इंडसइंड बैंक ने अपनी धनराशि वापस लेने के लिए वाद दायर किया है। हालांकि इस मामले में अभी आईआरपी नियुक्त नहीं किया गया है। प्राधिकरण ने बिल्डर से पूरी स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। बताया गया कि बिल्डर बाहर ही बैंक से सेटलमेंट कर सकता है। जिससे ये वाद समाप्त होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

214 बायर्स की होनी है रजिस्ट्री
प्राधिकरण ने बताया कि परियोजना में कुल 8 टावर्स है। इसमें 5 टावर्स का अधिभोग (ओसी) जारी हो चुका है। जिसमें 366 फ्लैट्स है। इन 366 फ्लैट्स में 320 की रजिस्ट्री हो चुकी है। 46 फ्लैट्स की रजिस्ट्री होनी बची है। अन्य दो टावरों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। जिसमें 168 फ्लैट्स है। जिनका अधिभोग (ओसी) जारी नहीं हुआ है। केस वापस लेते ही अधिभोग (ओसी) जारी कर दिया जाएगा। ऐसे में कुल 214 फ्लैट्स की रजिस्ट्री होगी। इन बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा।

स्टॉल्ड लीगेसी के तहत जमा करा 21.21 करोड़
प्राधिकरण ने बताया कि बिल्डर ने 31 मई 2024 तक कुल बकाया 84 करोड़ 86 लाख 2 हजार 619 का 25 प्रतिशत यानी 21 करोड़ 21 लाख 50 हजार 655 रुपए जमा कर दिए। बिल्डर ने स्टाल्ड प्रोजेक्ट तहत प्राधिकरण में आवेदन किया था। इस आवेदन को प्राधिकरण ने बोर्ड में शामिल किया। ये प्रोजेक्ट 40 हजार 87 वर्गमीटर में बना है। फरवरी 2009 में आवंटन किया गया। जून 2009 में लीज डीड की गई। योजना के तहत 8 टावर में 606 फ्लैट्स बनाए जाने थे। इसमें से 5 टावर में 366 फ्लैट का अधिभोग जारी कर दिया गया।

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