Uttar Pradesh Japan Cooperation: उत्तर प्रदेश–जापान सहयोग को नई ऊंचाई: यामानाशी प्रांत के उप-राज्यपाल का भव्य स्वागत, ग्रीन हाइड्रोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर में रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति

Uttar Pradesh Japan Cooperation: उत्तर प्रदेश–जापान सहयोग को नई ऊंचाई: यामानाशी प्रांत के उप-राज्यपाल का भव्य स्वागत, ग्रीन हाइड्रोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर में रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति

नोएडा। भारत और जापान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को और गति देते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने उत्तर प्रदेश की चार दिवसीय उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न की। इस महत्वपूर्ण दौरे का समन्वय उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना रहा।

इस यात्रा के दौरान 12 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश पहुंचा, जिसमें यामानाशी प्रांत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति सलाहकार तथा कनाडेविया कॉर्पोरेशन के उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सहित राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन और सार्थक बैठकें कीं। इन बैठकों में हरित ऊर्जा, आधुनिक बुनियादी ढांचे, सतत औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसरों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी जापानी प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखी।

यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश के उभरते बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में जापानी प्रतिनिधिमंडल की गहरी रुचि रही। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) में आयोजित एक विस्तृत प्रस्तुति के दौरान उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा और कनाडेविया कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन बायोफ्यूल प्लांट स्थापित करने की मंशा व्यक्त की। उन्होंने राज्य की भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक कनेक्टिविटी और नीतिगत सहयोग को इस तरह की परियोजनाओं के लिए अत्यंत अनुकूल बताया।

जापानी प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश एवं चेयरमैन, YEIDA) और आर.के. सिंह (मुख्य कार्यपालक अधिकारी, YEIDA) ने किया। इस अवसर पर YEIDA के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नागेंद्र प्रताप और शैलेन्द्र कुमार भाटिया भी उपस्थित रहे। एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया ने प्रतिनिधिमंडल को जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, उससे जुड़े औद्योगिक पार्कों और क्षेत्र में हो रहे तेज़ विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेवर क्षेत्र तेजी से वैश्विक विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी निवेश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

बैठकों के उपरांत जापानी प्रतिनिधिमंडल ने YEIDA के सेक्टर-10 और सेक्टर-29 का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, भूमि की संभावनाओं और औद्योगिक सुविधाओं का प्रत्यक्ष आकलन किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं और प्रशासनिक सहयोग की सराहना की।

इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश को वैश्विक ग्रीन एनर्जी निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यामानाशी प्रांत की ग्रीन हाइड्रोजन में रुचि राज्य के सतत औद्योगिक विकास और पर्यावरण-अनुकूल अर्थव्यवस्था के विज़न के पूरी तरह अनुरूप है। यात्रा के समापन पर जापानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित परियोजनाओं से संबंधित कुल निवेश राशि, संभावित रोजगार सृजन और भूमि आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण शीघ्र प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

यह यात्रा न केवल भारत-जापान के आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देती है, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होती है।

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