उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद: फ्लैट कब्जाने और दोस्तों से रुपये ऐंठने को दर्ज कराया था गैंगरेप का झूठा केस, महिला गिरफ्तार

अमर सैनी
उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद। पति का फ्लैट कब्जाने और उसके दोस्तों से लाखों रुपये ऐंठने के लिए महिला ने कार में अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म और एसिड से जलाने का झूठा केस दर्ज कराया था। गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने शुक्रवार को मामले का पर्दाफाश करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सीडीआर और मेडिकल परीक्षण से घटना फर्जी निकली।

डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि अवंतिका निवासी ज्योति ने 25 फरवरी को कविनगर थाने में केस दर्ज कराया था कि 24 फरवरी की रात घर से सोमवार बाजार की तरफ जा रही थी। रास्ते में कार सवार वैभव चौहान, दीपक चौहान और एक अज्ञात ने उसे अगवा कर लिया। आरोपियों ने उसे नशीला इंजेक्शन दिया और शराब पीकर दुष्कर्म किया। आरोपियों ने शरीर पर केमिकल डालकर उसे जलाया। इसके बाद आरोपी उसे महरौली फाटक के पास फेंककर फरार हो गए। डीसीपी के मुताबिक, जांच में घटना फर्जी निकलने पर शुक्रवार को महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। मूलरूप से एनटीपीसी विद्युत नगर दादरी निवासी महिला ने पति का फ्लैट और पति की पैरवी करने वाले दोस्तों से लाखों रुपये ऐंठने के लिए गैंगरेप की झूठी कहानी बनाई थी। इसमें एक अन्य की भी भूमिका सामने आई है। साक्ष्य संकलन कर उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

फुटेज और सीडीआर से खुली पोल
24 फरवरी की रात 8:27 बजे महिला अपने फ्लैट से निकली और अवंतिका रोड पर खड़ी एक गाड़ी में बैठकर गई। 10:19 बजे उसी स्थान पर गाड़ी से उतरी और पैदल अपने फ्लैट पर गई। इसके बाद रात 12:18 बजे फिर फ्लैट से निकली और अवंतिका पुलिया की तरफ जाती दिखी। घटना का समय और डायल-112 पर सूचना देने के बीच ढाई घंटे की अवधि थी। वहीं, सीडीआर में महिला की लोकेशन 8 बजे अवंतिका, 9:27 बजे सत्यम बिल्डिंग आरडीसी राजनगर और रात 12.25 बजे की लोकेशव अवंतिका में थी। महिला के मुताबिक, आरोपियों ने उसे महरौली फाटक पर फेंका। डायल-112 पर कॉल करने के दौरान महिला की लोकेशन महरौली फाटक पर नहीं मिली। वहीं, वैभव चौहान और दीपक चौहान की लोकेशन भी घटनास्थल के बजाय अलग-अलग स्थान पर मिली। दोनों आरोपियों की लोकेशन एक साथ नहीं मिली और महिला की लोकेशन भी दोनों आरोपियों के आसपास नहीं मिली।

मेडिकल रिपोर्ट से अहम साक्ष्य मिले
डीसीपी सिटी के मुताबिक, महिला ने बताया था कि आरोपियों ने उसके बाएं कंधे में नशीला इंजेक्शन लगाया था, लेकिन उसने अपने ही बयान में बताया कि उसे गाड़ी में बायीं तरफ से खींचा और आरोपी दायीं तरफ थे। ऐसे में आरोपी उसे बायीं तरफ इंजेक्शन कैसे लगा सकते हैं। इसके अलावा मेडिकल परीक्षण में किसी के द्वारा केमिकल डालने की बजाय खुद ही रूई से केमिकल लगाने की पुष्टि हुई।

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