उत्तर प्रदेश : हापुड़ में किशोरी के साथ जबरन छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को सुनाई 3 साल की सजा

Hapur News : अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने किशोरी को जबरन कमरे में बंद कर जबरदस्ती व छेड़छाड़ करने के मामले में एक अभियुक्त को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है जबकि दूसरे अभियुक्त को एक वर्ष की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ा गया है।

सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने सिंभावली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें बताया गया था कि आठ अगस्त 2021 को वह अपने छोटी बहन को दुकान से कुछ खाने की चीज दिलाकर दुकान से वापस आ रही थी। रास्ते में उसे गांव का ही अरुण मिला। आरोपी अरुण उसका हाथ पकड़ कर जबरन उसे अपने घर ले गया जहां कमरे में पहले से ही कालू था। कालू पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने लगा। अरुण ने दोनों को अंदर बंद कर बाहर का ताला लगा दिया।

पीड़िता के शोर मचाने पर उसका भाई और ग्रामीण आ गए। जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा लेकिन मौका पाकर कालू मौके से भाग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।

बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश(पाॅक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त कालू उर्फ नीरज को तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा पूरी करनी होगी। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए 25,000 रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा देय होगी। उन्होंने बताया कि अभियुक्त अरुण को उक्त अपराध के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ा गया।

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