Sunday, 25 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में सुरक्षा प्रकोष्ठ की मासिक बैठक, व्यापारियों से पुलिस ने की ये अपीलHapur News : हापुड़ में बच्चों के विवाद में दो पक्षों की महिलाओं में मारपीट, चार महिलाएं हिरासत मेंBulandshahar : बुलंदशहर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को रौंदा, मौत के बाद चालक गिरफ्तारBulandshahar : बुलंदशहर जेल में 93 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत, पॉक्सो एक्ट के मामले में था बंदBulandshahar : बुलंदशहर में कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में तृतीय व्हाइट कोट समारोह आयोजितBulandshahar : बुलंदशहर में वृंदावनी दिवाली मेले का शुभारंभ, सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने किया उद्घाटनNaseeruddin Shah Statement: कोलकाता फिल्म संस्थान के छात्रों के समर्थन में उतरे नसीरुद्दीन शाह, भाजपा पर साधा तीखा निशानाLudhiana Dowry Assault: दहेज में थार और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति ने पत्नी को सड़क पर घसीटकर पीटा, सीसीटीवी में कैद हुई बर्बरता

उत्तर प्रदेश : 7500 गोशालाएं बनेंगी कैटल फूड सिक्योरिटी हब, हर गोशाला से जुड़ेंगे 50-100 किसान

Lucknow News : प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल गोवंश संरक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें कैटल फूड सिक्योरिटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार की इस दूरदर्शी पहल के तहत प्रदेश की 7500 गोशालाओं और उनके आसपास के क्षेत्र को हरा चारा उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाया जाएगा, जिससे गोवंश संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

संरक्षण से उत्पादन की ओर गोशालाएं
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि “मिशन फॉडर” के नाम से शुरू हो रहे इस प्रदेशव्यापी अभियान का उद्देश्य गोशालाओं को आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित करना है। इसके तहत हर गोशाला को 50 से 100 किसानों के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि चारा उत्पादन, विपणन और उचित मूल्य की व्यवस्थित श्रृंखला तैयार हो सके। इससे किसान भी आत्मनिर्भर बनेंगे और गोशालाओं को सतत रूप से पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध होगा।

मोरिंगा-नेपियर से बदलेगी तस्वीर
मिशन फॉडर के अंतर्गत गोशालाओं की उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग करते हुए मोरिंगा (सहजन) और नेपियर घास का बड़े पैमाने पर रोपण कराया जाएगा। इसमें गन्ना घास, सुबबूल, ढैंचा और मौसमी चारे जैसे लोबिया, मक्का, ज्वार, बाजरा, बरसीम आदि को भी शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की जलवायु में लगभग 50 प्रकार के पशु चारे सहज रूप से उगाए जा सकते हैं, जिनमें एकदलीय और बहुदलीय दोनों प्रकार के चारे शामिल हैं। यही विविधता इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।

दीर्घकालिक समाधान, कम लागत
मोरिंगा पौधे लगभग 12–15 वर्षों और नेपियर घास 7–8 वर्षों तक लगातार हरा चारा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। मोरिंगा न केवल उच्च प्रोटीन और खनिज तत्वों से भरपूर है, बल्कि गोशालाओं में प्राकृतिक छाया और जैविक फेंसिंग का भी काम करेगा। वहीं नेपियर घास अपनी उच्च उत्पादन क्षमता और नियमित कटिंग के कारण सतत चारा स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण है।

हर गोवंश को पर्याप्त हरा चारा
योजना के अनुसार गोशालाओं में संरक्षित प्रत्येक गोवंश को पर्याप्त हरा चारा प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाएगा। हरा चारा पोषण की दृष्टि से सूखे चारे की तुलना में अधिक लाभकारी है। इससे गोवंश के स्वास्थ्य तथा दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही चारा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से बाहरी निर्भरता घटेगी और गोशालाओं की संचालन लागत में कमी आएगी।

हरित आवरण बढ़ेगा, भूमि की उर्वरता सुधरेगी
श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार इस समग्र कार्ययोजना के केंद्र में गोवंश संरक्षण, पोषण सुरक्षा, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण-शहरी सहभागिता को रखा गया है। मिशन फॉडर के माध्यम से न केवल गोशालाओं का दीर्घकालिक संचालन मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हरित आवरण बढ़ेगा और भूमि की उर्वरता सुधरेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी योजना
प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। यह पहल आत्मनिर्भर गोशाला, प्राकृतिक खेती और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उस विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिसकी नींव योगी सरकार ने रखी है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें