UP International Trade Show: भूपेंद्र चौधरी बोले- नए भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका के लिए तैयार उत्तर प्रदेश
नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी से प्रदेश के छोटे उद्यमों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपीआईटीएस 2026 में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन में 1.5 लाख से अधिक बी2बी खरीदार एवं आगंतुक और 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुकों के पहुंचने का अनुमान है। विभिन्न देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के अनुसार इस आयोजन में 1,000 से अधिक भारतीय विक्रेताओं और 600 से अधिक विदेशी खरीदारों को जोड़ने की योजना भी है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, डेयरी, हैंडलूम और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजन में जीआई उत्पादों और अन्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े स्टॉल भी लगाए गए हैं।
ट्रेड शो के दौरान ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रबंधन और फार्मा समेत विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन आयोजित किए जा रहे हैं। विदेशी खरीदारों के साथ बी2बी बैठकों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों की जानकारी देने, संभावित खरीदारों से बातचीत करने और नए कारोबारी बाजार तलाशने का अवसर मिल रहा है।
इस बार आयोजन में ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम को साझेदार देशों के रूप में शामिल किया गया है। आयोजन में ओडीओपी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को भी प्रमुखता दी जा रही है। इससे उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि प्रदेश में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियां और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। निवेश मित्र के माध्यम से अलग-अलग सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। सरकार का जोर निवेश, निर्यात, कारोबार के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है।
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना के माध्यम से उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है। उनके अनुसार अब तक छह लाख से अधिक कारीगर और हस्तशिल्पी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। इस बार योजना के तहत 14 नई ट्रेडों को जोड़कर कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण और उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। स्वरोजगार शुरू करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा का भी प्रावधान बताया गया है।
यूपीआईटीएस 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में हो रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह आयोजन उत्तर प्रदेश के उत्पादों, एमएसएमई, स्टार्टअप, हस्तशिल्प, निर्यात और उभरते कारोबारी क्षेत्रों को देश और वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर केंद्रित है।


