Air Pollution Control: बिल्डर्स के साथ वायु प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित
नोएडा। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में विशेष कार्यशाला और जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा की ओर से किया गया। यह कार्यक्रम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया, जिसमें नोएडा की विभिन्न निर्माणाधीन और संचालित बिल्डर परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, भवन निर्माण एवं ध्वंस अपशिष्ट यानी C&D Waste के प्रबंधन और डीजी सेट के संचालन से जुड़े नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बिल्डर्स और परियोजना प्रतिनिधियों को पर्यावरणीय मानकों के पालन की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी और नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय अधिकारी रितेश कुमार तिवारी, सहायक पर्यावरण अभियंता किशन सिंह और पर्यावरणविद् डॉ. अनुराधा ने परियोजना प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण स्थलों पर धूल और मलबे के उचित प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण उपायों तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप डीजी सेट के संचालन को लेकर सावधानियां बताईं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों के दौरान धूल और C&D Waste का उचित प्रबंधन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते हुए डीजी सेट चलाने पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
कार्यशाला के दौरान बिल्डर्स को CAQM के निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों का पालन करने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने निर्माण परियोजनाओं में कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण, निर्माण सामग्री से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि निर्माण गतिविधियों के दौरान पर्यावरणीय मानकों का पालन केवल नियामकीय आवश्यकता नहीं, बल्कि क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बनाए रखने और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से बिल्डर परियोजनाओं के प्रतिनिधियों को नियमों की जानकारी देकर उनके प्रभावी अनुपालन के लिए जागरूक किया गया।


