UGC Regulations Protest: ग्रेटर नोएडा में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, पानी की टंकी पर चढ़कर लगाए रोलबैक के नारे
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दादरी में बुधवार को सवर्ण समाज से जुड़े लोगों ने यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशंस 2026 और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर जीटी रोड से दादरी तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूजीसी नियमों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब कुछ प्रदर्शनकारी दादरी तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। टंकी पर पहुंचे लोगों ने वहां से यूजीसी नियमों के रोलबैक की मांग को लेकर नारे लगाए। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास शुरू किया।
पुलिस अधिकारियों ने काफी समझाने के बाद पानी की टंकी पर चढ़े लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। प्रदर्शन को देखते हुए तहसील परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर दादरी एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्र सरकार यूजीसी के नए नियमों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करे। उनका कहना था कि नियमों के कुछ प्रावधानों को लेकर उनके बीच आशंकाएं हैं और सरकार को इन चिंताओं पर विचार करना चाहिए।

यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव की रोकथाम और समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशंस, 2026 को जनवरी में अधिसूचित किया था। हालांकि इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इनके क्रियान्वयन को फिलहाल स्थगित रखा है। इस दौरान 2012 के संबंधित नियम प्रभावी बने हुए हैं।
प्रदर्शन में शामिल पंडित पीतांबर शर्मा ने कहा कि नए यूजीसी नियमों को लेकर समाज के एक वर्ग में असंतोष है। उन्होंने सरकार से नियमों पर पुनर्विचार करने और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में विरोध जारी रखा जाएगा।
ललित राणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाए जाने के बाद अब केंद्र सरकार को इनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नियमों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव बढ़ सकता है और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रखा जा सकता है। वहीं पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन संपन्न हुआ और पानी की टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।


