Thamma Movie Review: डर, रोमांस और कॉमेडी की अधूरी कहानी, जो आधे रास्ते में ही दम तोड़ देती है

Thamma Movie Review: आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘थामा’ हॉरर-कॉमेडी में न डराती है, न हंसाती है, और कहानी अधूरी होने के कारण निराश करती है।

Thamma Movie Review: कहानी और अनुभव

फिल्म ‘थामा’ आज 21 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा होने के कारण ऑडियंस की उम्मीदें काफी थीं। लेकिन अफसोस, फिल्म उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। यह न डराती है, न हंसाती है, और कहानी अधूरी महसूस होती है।

Thamma Movie Review:  कहानी

फिल्म दिल्ली के पत्रकार आलोक (आयुष्मान खुराना) के इर्द-गिर्द घूमती है। आलोक अपने दोस्तों के साथ ट्रैकिंग पर जाता है, जहां अचानक भालू हमला करता है और तड़ाका (रश्मिका मंदाना) उसकी जान बचाती है। इसके बाद आलोक वैम्पायरों की दुनिया में फंस जाता है।

शुरुआत में कहानी थोड़ी रोचक लगती है, लेकिन इंटरवल के बाद सब बिखर जाता है। डर, रोमांस और कॉमेडी का संतुलन नहीं रहता। क्लाइमेक्स जल्दी समाप्त हो जाता है, जिससे कोई इमोशनल असर नहीं पड़ता।

Thamma Movie Review: एक्टिंग

आयुष्मान खुराना अपने किरदार में ठीक हैं, लेकिन कमजोर कहानी और असंतुलित स्क्रीनप्ले के कारण उनका पूरा प्रभाव नहीं दिखता। रश्मिका मंदाना आकर्षक दिखती हैं, लेकिन उनका किरदार फ्लैट और डायलॉग डिलीवरी कमजोर है।

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी वैम्पायर के रूप में कई जगह ओवर-द-टॉप लगते हैं, जिससे कुछ सीन हंसी का कारण बनते हैं। परेश रावल हल्का हास्य जोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन असफल रहते हैं। अभिषेक बनर्जी और वरुण धवन के कैमियो भी कहानी को खास फायदा नहीं पहुंचाते।

Thamma Movie Review:  निर्देशन और स्क्रीनप्ले

आदित्य सरपोतदार फिल्म को बड़ा विजुअल अनुभव बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कहानी पर ध्यान नहीं दिया। जंगल और वैम्पायर की दुनिया खूबसूरत है, लेकिन केवल दिखावा है। फिल्म का टोन अस्थिर है, स्क्रीनप्ले इंटरवल के बाद बिखर जाता है और कई सीन सिर्फ दिखावे के लिए डाले गए हैं।

Thamma Movie Review: म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर

तकनीकी तौर पर फिल्म में बैकग्राउंड स्कोर डर पैदा करने की कोशिश करता है, लेकिन कई बार शोर में बदल जाता है। गाने कहानी की गति को धीमा कर देते हैं।

Thamma Movie Review: देखना चाहिए या नहीं

‘थामा’ केवल उन लोगों के लिए है जो आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना को स्क्रीन पर देखना चाहते हैं। कहानी, हॉरर और कॉमेडी सब कमजोर हैं। फिल्म निराशाजनक है और देखने लायक कोई खास चीज नहीं छोड़ती।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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