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शहर के पहले स्काईवॉक का काम रोका

शहर के पहले स्काईवॉक का काम रोका
सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे शहर के पहले स्काईवॉक का काम फिलहाल रोक दिया गया है।

अमर सैनी

नोएडा। सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे शहर के पहले स्काईवॉक का काम फिलहाल रोक दिया गया है। इसके पीछे अतिरिक्त लागत और निर्माण के लिए अधिक समय न मिलने को कारण बताया गया है। स्काईवॉक का अब तक 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। प्राधिकरण के अधिकारी जल्द ही काम फिर से शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।

तीन साल पहले नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए स्काईवॉक बनाने का निर्णय लिया था। इस पर पिछले साल काम शुरू हुआ था, जो कुछ दिन पहले तक चल रहा था। हाल ही में इसका काम रोक दिया गया था। इसका निर्माण कर रही इकबाल कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने अतिरिक्त लागत की मांग की है। इसके अलावा दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। इन दोनों बिंदुओं पर प्राधिकरण अधिकारियों से मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में निर्माण एजेंसी ने काम रोक दिया है।
अभी तक इस स्काईवॉक की लंबाई 425 मीटर थी, जो अब बढ़कर 465 मीटर हो जाएगी। इसका कारण यह है कि पहले स्काईवॉक को सेक्टर-51 से जाते समय सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बाईं ओर से जोड़ा जाना था, लेकिन अब कुछ समय पहले इसके डिजाइन में बदलाव कर इसे दाईं ओर से जोड़ने का निर्णय लिया गया, जिससे इसकी लंबाई बढ़ गई। अहम यह है कि दाईं ओर जहां स्काईवॉक को जोड़ा जाना है, उसके नीचे बिजली, सीवर आदि लाइनें आती हैं। इसे शिफ्ट करने या बचाने में अधिक काम होगा। इसके अलावा कुछ स्थानों पर पाइलिंग का काम भी होना है। कुछ स्थानों पर शीट भी लगानी हैं। निर्माण लागत बढ़ने से लागत और समय दोनों बढ़ जाएंगे। पहले सिविल कार्य की लागत करीब 9 करोड़ 1 लाख रुपये प्रस्तावित थी, जो अब बढ़कर 14 करोड़ रुपये होने की संभावना है। इसे मंजूरी नहीं मिली है। सिविल के अलावा यहां बिजली विभाग की ओर से ट्रैवलेटर लगाने का काम भी किया जा रहा है। अभी तक 10 में से 6 ट्रैवलेटर लगाए जा चुके हैं। बाकी को बाद में लगाया जाएगा।

समय सीमा दिसंबर तक बढ़ाने की मांग
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा सितंबर 2024 थी, लेकिन निर्माण एजेंसी ने इसे दिसंबर के अंत तक बढ़ाने की मांग की है।हालांकि काम शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लगेगा। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत और समय को मंजूरी देकर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

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