Red Fort Blast: लाल किला कार धमाका था आत्मघाती हमला, उमर उन नबी ने कार के अंदर से एक्टिवेट किया था IED; NIA का दावा
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम विस्फोट को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण दावे सामने आए हैं। एजेंसी ने घटना को योजनाबद्ध आत्मघाती हमला बताया है। NIA का दावा है कि मुख्य हमलावर बताए गए उमर उन नबी ने कार के अंदर मौजूद रहते हुए कमांड मैकेनिज्म के जरिए वाहन में लगे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED को सक्रिय किया था।
NIA ने मामले की विस्तृत जांच के बाद मई 2026 में करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 10 आरोपियों को नामजद किया गया। जांच एजेंसी ने उमर उन नबी को मुख्य हमलावर बताते हुए आरोपियों के तार Ansar Ghazwat-ul-Hind यानी AGuH से जुड़े होने का आरोप लगाया है। एजेंसी के मुताबिक AGuH का संबंध Al-Qaida in the Indian Subcontinent से है।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच रहा। NIA का दावा है कि फोरेंसिक जांच से विस्फोट के समय उमर उन नबी की कार के अंदर मौजूदगी की पुष्टि हुई। एजेंसी के मुताबिक IED को वाहन के अंदर से सक्रिय किया गया था और इसी आधार पर घटना को आत्मघाती हमला माना गया।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि लाल किले को निशाना बनाने की योजना अचानक नहीं बनी थी। जांच में दिसंबर 2023 से लाल किला और आसपास के इलाकों की रेकी किए जाने से संबंधित साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। एजेंसी का आरोप है कि उमर और अन्य आरोपियों ने कई बार इलाके का जायजा लिया था।
NIA के मुताबिक लाल किले को केवल भीड़भाड़ वाला स्थान होने के कारण नहीं चुना गया था। एजेंसी का आरोप है कि इसे भारतीय राज्य के प्रतीक के रूप में देखते हुए निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी।
जांच के दौरान आरोपियों के पास से कथित कट्टरपंथी प्रचार सामग्री मिलने की बात भी कही गई है। NIA का दावा है कि इसमें हिंसक गतिविधियों, गुप्त तरीके से काम करने और अकेले हमलावर के जरिए हमला करने जैसी अवधारणाओं से संबंधित सामग्री मौजूद थी।
एजेंसी ने विस्फोटकों, निगरानी, पहचान छिपाने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने से जुड़ी कथित सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया है। कुछ हस्तलिखित नोट्स अल-फलाह से जुड़े एक फ्लैट से मिलने का दावा किया गया है। NIA के मुताबिक इनसे आरोपियों की कथित विचारधारा और हमले की मंशा को समझने में सुराग मिले।
चार्जशीट में हमले की तारीख को लेकर भी महत्वपूर्ण दावा किया गया है। NIA के मुताबिक विस्फोट की तारीख पहले से निश्चित नहीं थी। श्रीनगर में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उमर को आशंका हुई कि जांच एजेंसियां उस तक पहुंच सकती हैं और इसी दबाव में कथित तौर पर हमले को जल्द अंजाम दिया गया।
NIA का आरोप है कि उमर वर्ष 2022 से निष्क्रिय पड़े AGuH मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय करने और नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी के मुताबिक 2022 में श्रीनगर में हुई एक कथित गुप्त बैठक के बाद मॉड्यूल को फिर संगठित करने की गतिविधियां आगे बढ़ीं।
मामले की जांच दिल्ली के अलावा कई राज्यों और NCR तक फैली। सैकड़ों गवाहों के बयान, दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और जब्त वस्तुओं को जांच में शामिल किया गया। जून 2026 में NIA ने मामले में तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी दी थी।
NIA ने इन साक्ष्यों के आधार पर लाल किला विस्फोट को सुनियोजित आतंकी साजिश बताया है। हालांकि चार्जशीट में दर्ज सभी बातें जांच एजेंसी के आरोप हैं। आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत करेगी।


