राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में मेयर, सभापति और चेयरपर्सन पदों के नतीजों के बाद ज्यादातर निकायों की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। 21 सितंबर 2026 तक 301 नगरीय निकायों के शीर्ष पदों के परिणाम सामने आ चुके हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी ने 199 निकायों में बोर्ड बनाया है, जबकि कांग्रेस के हिस्से में 94 निकाय आए हैं। आठ निकायों के नतीजे अभी बाकी बताए गए हैं।
अब तक सामने आए आंकड़ों में बीजेपी के खाते में छह नगर निगम, 31 नगर परिषद और 162 नगर पालिकाओं के शीर्ष पद शामिल हैं। कांग्रेस ने एक नगर निगम, 13 नगर परिषद और 80 नगर पालिकाओं में बोर्ड बनाया है। बाकी निकायों में अन्य दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों ने शीर्ष पद हासिल किए हैं। विभिन्न रिपोर्टों में कुल आंकड़ों को लेकर मामूली अंतर जरूर है, लेकिन उपलब्ध परिणामों का व्यापक रुझान समान है।
नगर निगमों के मेयर चुनाव में क्या स्थिति रही?
राजस्थान के सात नगर निगमों में मेयर पद के चुनाव पूरे हो चुके हैं। इनमें छह नगर निगमों में बीजेपी के उम्मीदवार चुने गए, जबकि बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने जीत दर्ज की। बीजेपी के उम्मीदवार अजमेर, उदयपुर, अलवर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा में मेयर बने हैं।
अजमेर में मेयर चुनाव का नतीजा वार्ड स्तर के आंकड़ों से अलग रहा। यहां कांग्रेस के पास 37 पार्षद और बीजेपी के पास 32 पार्षद थे, लेकिन बीजेपी की अनामिका शर्मा मेयर चुनी गईं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 37 वोट मिले। इस प्रक्रिया में निर्दलीय पार्षदों और क्रॉस वोटिंग की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
पाली में भी वार्डों में पार्षदों की संख्या और मेयर चुनाव के परिणाम में अंतर देखने को मिला। यहां कांग्रेस के 29 और बीजेपी के 21 पार्षद बताए गए, फिर भी मेयर पद बीजेपी के खाते में गया। अलवर में भी किसी एक दल के स्पष्ट बहुमत के बिना बीजेपी उम्मीदवार मेयर चुने गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि मेयर का चुनाव केवल वार्डों में पार्षदों की संख्या के आधार पर तय नहीं हुआ।
नगर पालिकाओं में बीजेपी के 162 चेयरपर्सन
राज्य की 252 नगर पालिकाओं में से 248 के परिणाम सामने आ चुके हैं। इनमें बीजेपी ने 162 नगर पालिकाओं में चेयरपर्सन पद हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 80 नगर पालिकाओं में सफलता मिली। छह नगर पालिकाओं में अन्य दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों के शीर्ष पद पर पहुंचने की जानकारी है। चार नगर पालिकाओं के नतीजे अभी लंबित बताए गए हैं।
नगर परिषदों में भी अधिकांश परिणाम घोषित हो चुके हैं। राज्य की 47 नगर परिषदों में से 46 के नतीजे सामने आए हैं। बीजेपी ने 31 परिषदों में बोर्ड बनाया, जबकि कांग्रेस को 13 परिषदों में सफलता मिली। दो परिषदों में अन्य दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों ने शीर्ष पद हासिल किए हैं। एक नगर परिषद का फैसला अभी बाकी है।
बारां नगर परिषद में AAP की शीतल राठौड़ सभापति चुनी गईं
राजस्थान के निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी सामने आई है। बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी की शीतल राठौड़ सभापति चुनी गईं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इसे राजस्थान में AAP का पहला नगर परिषद बोर्ड बताया गया है। कुछ निकायों में स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भी बोर्ड बने हैं।
जयपुर, जोधपुर और कोटा के मेयर चुनाव 25 सितंबर तक
जयपुर, जोधपुर और कोटा के तीन प्रमुख नगर निगमों में मेयर पद का चुनाव अभी बाकी है। कुछ वार्डों में दोबारा मतदान के कारण इन नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया 25 सितंबर तक आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा एक नगर परिषद और चार नगर पालिकाओं के शीर्ष पदों के नतीजे भी बाकी बताए गए हैं।
21 सितंबर तक आए परिणामों से राजस्थान के मौजूदा नगरीय निकाय चुनाव की बड़ी तस्वीर सामने आती है, लेकिन सभी 309 निकायों की अंतिम स्थिति जयपुर, जोधपुर और कोटा समेत शेष निकायों के परिणाम आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि नगर निकायों के शीर्ष पदों का बंटवारा दोनों प्रमुख दलों के बीच समान नहीं रहा है।


