Radhashtami Celebration: नोएडा इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, तीन हजार श्रद्धालुओं ने किए राधा-कृष्ण के दर्शन

Radhashtami Celebration: नोएडा इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, तीन हजार श्रद्धालुओं ने किए राधा-कृष्ण के दर्शन

नोएडा। सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार को राधाष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रीमती राधारानी के प्राकट्य दिवस के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भजन-कीर्तन, विशेष अभिषेक, धार्मिक कथा और फूलों की आकर्षक सजावट के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक दिनभर में करीब तीन हजार श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण के दर्शन किए और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

राधाष्टमी के मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई। इस दौरान भगवान श्री श्री राधा-कृष्ण की युगल जोड़ी का विधि-विधान से विशेष अभिषेक किया गया। पंचगव्य और विभिन्न प्रकार के पुष्पों से अभिषेक के दौरान मंदिर में भजन और हरिनाम संकीर्तन होता रहा। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर राधारानी के प्राकट्य दिवस की खुशियां मनाईं।

इस अवसर पर वृंदावन से आए श्रीमान व्रज विलास प्रभुजी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रीराधा की दिव्य लीलाओं से जुड़ी कथा सुनाई। कथा के माध्यम से राधारानी के प्रेम, भक्ति और श्रीकृष्ण के प्रति उनके समर्पण के भाव को श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत किया गया। कथा सुनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।

राधाष्टमी पर भगवान राधा-कृष्ण को विशेष भोग भी अर्पित किया गया। मंदिर प्रबंधन की ओर से 250 से अधिक प्रकार के देसी और विदेशी व्यंजन तैयार कराए गए थे। इन सभी व्यंजनों को भगवान को अर्पित करने के बाद प्रसादम के रूप में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।

उत्सव को खास बनाने के लिए पूरे इस्कॉन मंदिर को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से सजाया गया था। मंदिर के विभिन्न हिस्सों में की गई पुष्प सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। राधा-कृष्ण के विग्रहों का भी विशेष श्रृंगार किया गया।

मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने राधारानी के चरणों में पूजा-अर्चना कर अपना प्रेम और समर्पण व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा। बड़ी संख्या में परिवारों और भक्तों की मौजूदगी के कारण मंदिर परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार राधाष्टमी उत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को श्रीमती राधारानी के प्रेम, करुणा और भक्ति के भाव से जोड़ना तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सेवा और समर्पण का संदेश देना रहा।

 

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