Panchakarma Services: नोएडा के भाईपुर ब्राह्मण आयुर्वेदिक अस्पताल में बेहतर होंगी पंचकर्म सेवाएं, प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश
नोएडा। प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग पंचकर्म केंद्रों के विकास पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में शनिवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने गौतमबुद्ध नगर जिले के भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही पंचकर्म सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधों का रोपण कर आयुष वाटिका विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचकर्म सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त आधारभूत संरचना, प्रशिक्षित कर्मचारियों, मानक उपकरणों और आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इन व्यवस्थाओं के मजबूत होने से मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
रंजन कुमार ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) सहित प्रदेश के विभिन्न पंचकर्म केंद्रों का समुचित उपयोग किया जाए। इन केंद्रों के माध्यम से मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार और उचित परामर्श उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल जरूरी है।
प्रमुख सचिव ने अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उनके अनुसार, चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल का साफ-सुथरा वातावरण और मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के महत्वपूर्ण पहलू हैं। निरीक्षण के दौरान औषधियों की उपलब्धता और उनके वितरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
गौरतलब है कि प्रदेश का आयुष विभाग 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी योजना के तहत भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को भी पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। इस पहल का उद्देश्य आयुर्वेदिक उपचार सुविधाओं का विस्तार करना और मरीजों को उनके नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
