Palang Tod: ग्रेटर नोएडा एक्सपो में छाई शामली की ‘पलंग तोड़’ मिठाई, स्टॉल पर उमड़ी भीड़
नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो (आईएचई) में देशभर के पारंपरिक व्यंजन और खाद्य उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के शामली जिले की प्रसिद्ध ‘पलंग तोड़’ मिठाई इस बार प्रदर्शनी का खास आकर्षण बनी हुई है। अनोखे नाम और स्वाद के कारण इस मिठाई के स्टॉल पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ जुट रही है।
एक्सपो में होटल, रेस्तरां, बेकरी, फूड प्रोसेसिंग और पारंपरिक खाद्य उत्पादों से जुड़े सैकड़ों स्टॉल लगाए गए हैं। आधुनिक खाद्य तकनीकों और नए उत्पादों के बीच शामली की ‘पलंग तोड़’ मिठाई अपनी पारंपरिक पहचान और खास स्वाद के कारण अलग पहचान बना रही है। प्रदर्शनी में पहुंच रहे देश-विदेश के खरीदार, होटल व्यवसायी और खाद्य उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ भी इस पारंपरिक मिठाई में रुचि दिखा रहे हैं।
एक जनपद एक व्यंजन योजना में शामिल है मिठाई
शामली की यह पारंपरिक मिठाई वर्षों से अपनी अलग पहचान रखती है। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना में भी इसे शामिल किया गया है। इसे विशेष विधि से तैयार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी मुलायम बनावट और अलग स्वाद है। मिठाई मुख्य रूप से खोया, शुद्ध देसी घी और शक्कर से तैयार की जाती है। कुछ स्थानों पर इसमें चीनी की जगह गुड़ का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और अलग हो जाता है।
एक्सपो में आने वाले कई लोगों ने बताया कि उन्होंने ‘पलंग तोड़’ मिठाई का नाम पहली बार सुना था। अनोखे नाम ने उनकी उत्सुकता बढ़ाई और स्वाद चखने के बाद उन्होंने मिठाई खरीदना भी पसंद किया। कई आगंतुक इसे अपने परिवार और परिजनों के लिए भी खरीदकर ले जा रहे हैं।
बिना दांत वाले बुजुर्ग भी आसानी से खा सकते हैं
स्टॉल संचालक राकेश गर्ग ने बताया कि ‘पलंग तोड़’ मिठाई की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बेहद मुलायम बनावट है। यही वजह है कि बिना दांत वाले बुजुर्ग भी इसे आसानी से खा सकते हैं। इसे सीधे खाने के अलावा गर्म दूध में मिलाकर भी खाया जा सकता है। दूध के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है, इसलिए यह बच्चों और बुजुर्गों को भी पसंद आ रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से क्षेत्रीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलता है। एक्सपो में देश-विदेश से आए खरीदारों और खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों की मौजूदगी से शामली की इस पारंपरिक मिठाई को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
